0 बाहर की दवाएं व जांचे लिखने से मरीज परेशान
0 कानपुर नर्सिंग होम क्यो भेजे जा रहे मरीज
कालपी-उरई । विभागीय शासनादेशों के विपरीत एक दशक से अधिक समय से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में प्रभारी चिकित्साधिकारी के पद पर कुंडलीय मारकर विराजमान डा. मुलायम सिंह के क्रियाकलापों से चिकित्सालय का उचित लाभ मरीजों को बहुत ही अल्प पैमाने पर मिज पा रहा है। जबकि प्रभारी चिकित्साधिकारी अपनी फितरत से मालामाल होते जा रहे है।
नगर कालपी में तीस शैय्याओं वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का हाल बेहाल है इस चिकित्सालय में लंबे समय से सर्जन की तैनानी न होने के चलते डा. मुलायम सिंह को विभाग द्वारा प्रभारी चिकित्साधिकारी का महत्वपूर्ण पद सौप रखा गया है। विभागीय गोपनीय पुख्ता तथा दमदार सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विभागीय शासनादेशों के विपरीत प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. मुलायम सिंह एक दशक से अधिक समय बीतने के बाद भी कालपी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कुंडलीय मारकर विराजमान है जबकि स्वास्थ्य विभाग के शासनादेशों के अनुसार चिकित्सक का पांच वर्ष में स्थानांतरण हो जाना आवश्यक है। लेकिन डा. मुलायम सिंह शायद शासनादेशों के ऊपर है। सूत्रों का स्पष्ट कहना है कि डा. मुलायम सिंह का कालपी से दो बार स्थानांतरण हुआ लेकिन स्थानांतरण रूकवा लिया गया क्योंकि डा. मुलायम सिंह का कुछ लोगों से सीधा फायदे वाला नैटवर्क है। जिसके चलते डा. मुलायम सिंह की फितरत से कालपी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उनकी निजी संपत्ति बनती जा रही है। दमदार सूत्रों से पता चलता है कि डा. मुलायम सिंह ने नगर में स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कई गुर्गे पाल रखे है। जिसके कारण वह अधिकांश मरीजों को बाहर की दवाएं तथा मरीजों को बाहर की जांचे लिखते है जिससे चिकित्साधिकारी तथा उनके मातहतों को प्रतिदिन लंबी कमाई हो रही है और मरीज अपने स्वास्थ्य संबंधित हेतु मर-मर जीने को विवश है। पुख्ता सूत्रों का कहना है कि प्रभारी चिकित्साधिकारी कालपी डा. मुलायम सिंह को कालपी चिकित्सालय में रहने के लिये आवास एलार्ट है और उन्हें चैबीस घंटे चिकित्सालय में रहना भी चाहिए। लेकिन डा. मुलायम सिंह अक्सर अपने कानपुर आवास पर शाम को चले जाना दिनचर्या बन चुकी है पता चला है कि प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. मुलायम सिंह ने पाटनरसिप में कानपुर बर्रा में सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम के आवास के बगल में औरियन्टल नर्सिंग होम खोल रखा है उस चिकित्सालय में चिकित्साधिकारी अक्सर गंभीर रोगी भेज कर बडे़ पैमाने पर धन कमाने का कार्य कर रहे है। यह पोल उस समय खुली जब डा. मुलायम सिंह ने हार्ड अटैक के मरीज आदित्य की मां को औरियन्टल नर्सिंग होम कानपुर बर्रा में भेजने की जिद की थी और बात न मानने पर उसे अस्पताल से भगा दिया गया जिससे मरीज की हालत और गंभीर हो गई थी। नगर के बुद्धिजीवियों में जोरदार चर्चा है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कालपी में मरीजों के तीमारदारों को रूकने के लिय जो रैनबसेरा है वह चिकित्साधिकारी ने किराये पर उठा दिया है जिसकी पुष्टि जांच से हो सकती है। चर्चा तो यह भी है कि चिकित्साधिकारी की कृपा सेउक्त चिकित्सालय कालपी मात्र रिफर केन्द्र का तथा तथाकथित चापलूसों दलालों का अड्डा बन जाने से अधिकांश मरीजों को चिकित्सालय का लाभ नही मिल पा रहा है। उपरोक्त संबंध में पूछे जाने पर चिकित्सालय के एक कर्मचारी ने उक्त आरोपों का जोरदार खंडन करते हुए कहा कि आरोप निराधार है तथा दवाओं के अभाव में रिफर तथा गंभीर मरीजों को चिकित्सालय से रिफर जरूर किया जाना है जो मरीज हित में आवश्यक है।
डा. मुलायम सिंह की कालपी चिकित्सालय में तैनाती गलत
नगर के बुद्धिजीवियों में चर्चा है कि डा. मुलायम सिंह की कालपी चिकित्सालय में इस समय नियुक्ति ही अवैध है। जानकारों में जोरदार चर्चा है कि डा. मुलायम सिंह बेहोशी के चिकित्सक है और मरीज के आपरेशन के समय ही इनका महत्वपूर्ण कार्य होता है। चर्चा है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कालपी में लंबे समय से सर्जन की तैनाती ही नही है तो मरीजों के आपरेशन का प्रश्न ही नही उठता और ऐसी स्थिति में डा. मुलायम सिंह की कालपी चिकित्सालय में नियुक्ति ही अवैध है। लेकिन धनबल पर वह कालपी में कार्यरत रहकर अपना कार्य अधिक और मरीजों के हितों की औपचारिकता मात्र कर रहे है।







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