0 सहायक विकास अधिकारी के निरीक्षण में हुआ था मामला उजागर

0 अब फर्जी जांच आख्या से भुगतान भी निर्गत कराया गया

उरई । ग्राम प्रधान नुनसाई व पंचायत सचिव की मिलीभगत से गांव में लाखों रुपये की लागत से मानकों को ताक पर रखकर इंटरलाकिंग का कार्य कराया जा रहा था उस दौरान मामले की जांच करने पहुंचे सहायक विकास अधिकारी बलवीर सिंह ने अपनी आंखों से देखा था कि इंटरलाकिंग डालने में मानकों का पालन नहीं किया जा रहा तो उन्होंने अपनी जांच आख्या डीपीआरओ के पास भेज दी थी। लेकिन गांव पहुंचे डीपीआरओ ने प्रधान के आवास पर बैठकर अंगूर का स्वाद चखा और बगैर इंटरलाकिंग देखे वापस लौट गये। इसी के साथ अब आनन-फानन में महिला प्रधान के प्रतिनिधि ने देखा मामला जांच में फंस सकता है तो उन्होंने फर्जी जांच आख्या के आधार पर उसका भुगतान भी निर्गत करवा लिया।

गौरतलब हो कि डकोर विकासखंड के ग्राम नुनसाई में महिला प्रधान हैं लेकिन उनका पूरा काम उनके पति जो हिन्दुस्तान लीवर में कार्यरत हैं वह प्रतिनिधि बनकर देखते हैं। गांव में कहां पर काम कराया जाना है। निर्माण का मानक क्या रहेगा यह प्रधान प्रतिनिधि व पंचायत सचिव निर्धारित करते हैं। पिछले दिनों गांव में लोटनराम के मकान से दयाराम के मकान तक इंटरलाकिंग डालने का काम मिट्टी के ऊपर ही डस्ट डालकर कराया जा रहा था। उसी दौरान सहायक विकास अधिकारी बलवीर सिंह गांव पहुंचे तो उन्होंने मौके का निरीक्षण किया जहां उन्होंने मानकों को ताक पर रखकर डाली जा रही इंटरलाकिंग देखी तो हैरत में पड़ गये। इसके बाद उन्होंने मामले की जांच आख्या जिला पंचायत राज अधिकारी को भेज दी। इसके साथ ही उन्होंने गांव में शौचालय निर्माण के नाम पर ली गयी सुविधा शुल्क की भी जांच की थी तो मामला सही पाया गया था। इसके बाद भी सभी मामलों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया और जांच के नाम पर फर्जीबाड़े को अंजाम देकर मानकविहीन डाली गयी इंटरलाकिंग का भुगतान भी निर्गत कराने में सफल रहा। अब पुनः प्रधान व प्रधान प्रतिनिधि खड़ंजा पर ही इंटरलाकिंग डाली जा रही हैं जिसमें बाहर के मजदूरों से कार्य कराया जा रहा है। गांव के मजदूरों को इस कार्य से दूर रखा गया। मामला यही तक सीमित नहीं रहा बल्कि प्रधान अब फर्जी तरीके से मस्टररोल द्वारा भुगतान कराने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। ग्रामीणों को आंशका है कि प्रधान प्रतिनिधि ने आला अधिकारियों से सांठगांठ कर मानकों विहीन कराये गये कार्यों की फर्जी जांच आख्यायें बनवाकर भ्रष्टाचार को अंजाम तक पहुंचाने के जुटा हुआ है। तो वहीं ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि यदि मामले को अनदेखा किया गया तो वह कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को लिखित रूप से अवगत कराकर प्रधान के क्रियाकलापों की पोल खोलने से नहीं चूकेंगे।

 

 

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