उरई। कुठौंद क्षेत्र में रामपुरा किरवाहा स्थित अक्षय जीवन आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं शोध संस्थान में विश्व हिंदू परिषद के गौरक्षा विभाग की बैठक राष्ट्रीय संगठन मंत्री खेमचंद्र शर्मा जी के मुख्यातिथ्य में हुई। जिसमें संगठन के केंद्रीय मंत्री वासुदेव जी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अध्यक्षता रामेश्वर दयाल त्रिपाठी ने की। जबकि संचालन जितेंद्र माहेश्वरी ने किया।
इस अवसर पर सर्वप्रथम कार्यक्रम के संयोजक पूर्व विधायक केशव सिंह सेंगर ने जय गौ माता जय श्रीराम के नारों के बीच उक्त अतिथियों का मल्यार्पण कर स्वागत किया। वक्ताओं ने कहा कि गाय की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। जिसके मुकरने से धर्म की हानि होती है और पाप चढ़ता है। मुख्य अतिथि ने कहा कि जो लोग गाय का दूध खाने के बाद उसे लावारिस छोड़ देते हैं जिससे गौ माता को दुर्दशा का सामना करना पड़ता है। उन्हें इस पाप की वजह से इहलोक और परलोक दोनों ही जगह बाद में घोर कष्ट झेलने पड़ते हैं। उन्होनें कहा कि गाय हर तरीके से वरदान देती है। उसका दूध गुणकारी होता है, गौ मूत्र कई रोगों का निवारण करता है। गाय का गोबर खेत में खाद का काम करता है। इन्हीं वरदानों को देने की क्षमता के कारण गाय को माता कहा गया है।
इस अवसर पर गौ रक्षा के लिए कमेटी घोषित की गई जिसमें कई प्रमुख लोगों को दायित्व सौंपे गये। कार्यक्रम में अखिलेश डीहा, रज्जन सिंह परासन, मंगल सिंह, अमित बादल, नितिन गुप्ता, रामप्रकाश निषाद, श्रीकांत त्रिपाठी, अंकित शुक्ला, सोनू दुबे, वासु मिश्रा, गिरीश पाठक, सचिन पाठक प्रधान, प्रदीप दुबे प्रधान, जसवीर नेता, रमाकांत शर्मा, शैलेंद्र सिंह, संगीत सचान, मंजू झांसी, नीतू सेंगर आदि उपस्थित रहे। झांसी, कानपुर देहात, औरैया, इटावा, कानपुर और जनपद जालौन के सैंकड़ों लोगों ने इसमें भाग लिया। खेमचंद्र शर्मा ने कार्यक्रम का समापन किया।

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