उरई। असहाय महिला के मकान और जायदाद को हड़पने के लिए घात लगाये दबंगों ने गत दिनों रात में उसके घर धावा बोल दिया। महिला ने बचाव के लिए 100 नंबर पर फोन किया लेकिन जो पुलिस मौके पर पहुंची वह दबंगों से पहले से मैनेज थी। जिसके कारण उन पर कार्रवाई करने की बजाय पुलिस महिला के ससुर को गिरफ्तार कर ले गयी। इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने नगर क्षेत्राधिकारी को जांच के आदेश जारी कर दिये हैं।
बजरिया रोड पर नवी की मस्जिद के पास रहने वाली नीलम देवी पत्नी स्व. कृष्णावतार ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है कि 28 मई को रात में लगभग 10 बजे मोहल्ले के जागेश्वर दयाल व उसके पुत्र महेंद्र ने आठ-दस लोगों के साथ उसके घर धावा बोल दिया। वे सभी हथियारों से लैस थे। उन्होंने नीलम के घर की दीवार विस्मार कर दी और भीतर घुस गये। इसके बाद उनकी गृहस्थी का सामान तोड़ने-फोड़ने लगे। विरोध करने पर उन्होंने नीलम की पिटाई कर डाली। चीख-पुकार सुनकर नीलम के ससुर भूरे मौके पर आ गये तो वे लोग गाली-गलौज करते हुए भाग निकले।
नीलम का कहना है कि बाद में उसने 100 नंबर पर पुलिस सहायता के लिए फोन किया। पुलिस मौके पर तो पहुंच गई लेकिन हमलावरों को तलाश कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय पुलिस उल्टे उनके ससुर भूरे को उठा ले गई। बाद में उनका धारा 151 में चालान कर दिया।
नीलम का कहना है कि उसके पति की मौत हो चुकी है। उसे असहाय जानकर जागेश्वर दयाल उसकी जायदाद हड़पना चाहता है। जिसके लिए उसने दुस्साहस की पराकाष्ठा कर रखी है। पुलिस अधीक्षक ने सीओ सिटी को मामले की जांच सौंप दी है।






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