
* मामला ग्राम सतोह के एक किसान की जमीन से रेलवे द्वारा अंडरपास का एप्रोच रोड निकाले जाने का
कोंच-उरई । तहसील क्षेत्र के ग्राम सतोह निवासी एक किसान की जमीन में से रेलवे द्वारा अंडर पास का एप्रोच रोड निकाले जाने का मामला काफी तूल पकड़ता जा रहा है। किसान के मुताबिक रेलवे के अधिकारी अनधिकृत रूप से यह रोड बना रहे हैं जिसमें उसकी जमीन जा रही है। रेलवे की इस हठधर्मिता के खिलाफ किसान ने हाईकोर्ट का दरबाजा खटखटा कर स्थगन आदेश भी प्राप्त कर लिया है लेकिन रेलवे के अधिकारियों ने उस आदेश को मानने से इंकार करते हुये काम जारी रखा हुआ है।
रेलवे विभाग ज्यादातर मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग्स बंद कर आवागमन के लिये अंडर पास बनाने की योजना पर आगे बढ रहा है। ऐसा ही एक अंडर पास तहसील क्षेत्र के ग्राम सतोह की रेलवे क्रॉसिंग पर भी बन रहा है लेकिन रेलवे विभाग की मनमानी वहां के एक किसान पर भारी पड़ रही है। सौरभकुमार नामक उक्त किसान की जमीन गाटा संख्या 640 तथा 479 का रेलवे विभाग ने अधिग्रहण भी नहीं किया है लेकिन अंडर पास का एप्रोच रोड उसकी जमीन से निकाला जा रहा है। रेलवे की इस मनमानी का ग्रामीणों ने भी भारी विरोध किया और तहसील के अधिकारी भी मौके पर जाकर रेलवे के अधिकारियों से दो टूक कह चुके हैं कि बिना किसान को संतुष्टï किये वे आगे का काम कतई नहीं करें। इतना ही नहीं, तहसील के लेखपाल ने भी अपनी रिपोर्ट में तस्दीक की है कि जिस प्लॉट पर रेलवे काम कर रहा है वह किसान की है। इसके बाबजूद भी जब रेलवे ने काम जारी रखा तो किसान सौरभकुमार ने न्याय के लिये उच्च न्यायालय की शरण ली जहां से कोर्ट ने हो रहे कार्य पर किसान के पक्ष में स्थगन आदेश जारी कर दिया है। हैरानी बाली बात यह है कि रेलवे के अधिकारियों ने हाईकोर्ट के उक्त स्थगन आदेश को नजरंदाज करके अपना काम जारी रखा हुआ है जिससे किसान परेशान है। बताना समीचीन है कि उच्च न्यायालय ने 28 मई को सौरभकुमार की याचिका पर आदेश किया है कि किसान सौरभकुमार के उक्त दोनों गाटों 640 तथा 479 जो पिटीशनर के कब्जे में है, में कतई हस्तक्षेप न करें। इस बाबत रेलवे का पक्ष जानने के लिये मौके पर काम करा रहे एसएस आईडब्ल्यूएस केएस दुवे को फोन लगाया गया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।






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