* पुलिस ने कोंच की ब्रजेश्वरी कॉलोनी से दबोचा, एक तमंचा और कार भी बरामद किये पुलिस ने

* जनपद के कई थानों में दर्ज हैं आपराधिक मुकदमे

कोंच-उरई । कोतवाली पुलिस ने बीती रात एक नकली पुलिस इंसपेक्टर को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया बदमाश लोगों को सीबीआई इंसपेक्टर बन कर धमकाता था और उन्हें भयभीत करके पैसा ऐंठता था। कस्बे की ब्रजेश्वरी कॉलोनी में एक कार्यक्रम में शिरकत करने आया था उक्त नकली इंसपेक्टर। पुलिस को कई दिनों से उसके बारे में शिकायतें मिल रहीं थीं। उसके पास से सीबीआई का एक मोनो, एक तमंचा और कार जिसका उपयोग वह वारदातें करने में करता था, बरामद हुये हैं। कोतवाली पुलिस के मुताबिक पकड़े गये नकली इंसपेक्टर के खिलाफ जिले के कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं, अन्य जिलों की पुलिस से संपर्क कर उसका और आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।

 

 

 

जिले के पुलिस कप्तान के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाये जा रहे सघन अभियान के तहत बीती रात कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विनोदकुमार मिश्रा की अगुवाई में सागर चौकी के सहायक दरोगा योगेश पाठक, मंडी चौकी प्रभारी वीरेन्द्रसिंह, सिपाही आनंद तिवारी, सत्येन्द्रकुमार, गौरवकुमार, श्याम चौधरी, अजितकुमार सिंह आदि रात में पेट्रोलिंग पर मारकंडेयश्वर तिराहे की ओर निकले थे। जब पुलिस टीम ब्रजेश्वरी कॉलोनी के पास पहुंची तो एक व्यक्ति पुलिस देख कर भागा। पुलिस को उसके ऊपर कुछ शक हुआ तो सिपाहियों ने दौड़ा कर उसे पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से 315 बोर तमंचा और कारतूस बरामद हुये तो पुलिस को पक्का यकीन हो गया कि वह बदमाश है। पुलिस उसे कोतवाली ले आई और जब कड़ाई से पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया कि वह नकली सीबीआई इंसपेक्टर बन कर लोगों से पैसे ऐंठता है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वह कार होण्डा अकॉर्ड नं. यूपी 16 एन 0460 भी बरामद कर ली जिसका उपयोग वह आने जाने में करता था। पकड़े गये बदमाश का नाम जितेन्द्रसिंह उर्फ जितेन्द्र तिवारी उर्फ राज तिवारी पुत्र प्रतापसिंह निवासी जगम्मनपुर थाना रामपुरा बताया गया है। बैसे जितेन्द्र मूल रूप से सहसों जिला इटावा का रहने बाला बताया गया है और काफी समय से जगम्मनपुर में किराये के घर में रह कर इसी तरह की उल्टी सीधी वारदातें करता रहता है। जितेन्द्र की गिरफ्तारी की खबर सुन कर ग्राम विरगुवां बुजुर्ग के प्रधान जितेन्द्रसिंह पुत्र मोहरसिंह कोतवाली आ गये और उन्होंने बताया कि उक्त बदमाश के कारनामों के कारण पूरा विरगुवां गांव परेशान था और लोगों को धमकाता रहता था कि कोंच में ब्लॉक के पास हुये डबल मर्डर में जेल भिजवा दूंगा। उसने प्रधान से भी दस हजार रुपये की मांग की थी। पकड़े गये बदमाश के खिलाफ पुलिस ने दो मुकदमे दर्ज किये हैं, पहला प्रधान की तहरीर पर आईपीसी की धारा 419, 420, 170, 386 में तथा दूसरा 3/25 ए में। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है।

विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हैं जितेन्द्र के खिलाफ

शनिवार की रात पुलिस की गिरफ्त में आये जगम्मनपुर निवासी बदमाश जितेन्द्रसिंह उर्फ जितेन्द्र तिवारी उर्फ राज तिवारी के खिलाफ जनपद के विभिन्न थानों में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और उनमें वह पहले भी जेल जा चुका है। कोतवाल विनोदकुमार मिश्रा ने बताया है कि बर्ष 2011 में कुठौंद थाने में धारा 3 यूपी गुंडा एक्ट, 2011 में ही थाना डकोर में 498 ए, 304 बी, आईपीसी व 3/4 डीपी एक्ट, 2015 में कोतवाली उरई में 171, 386, 420 आईपीसी, 2015 में ही 3/25 ए और बर्ष 2016 में 4/25 ए के दो अलग अलग मुकदमे उरई कोतवाली में ही दर्ज हैं। बर्ष 2017 में 419, 420, 454 तथा 3/25 ए के दो अलग अलग मुकदमे दर्ज हैं। कोतवाल ने बताया है कि सीमावर्ती जिलों की पुलिस से संपर्क कर इसका और भी आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।

 

शादाब को भी हड़काया था नकली इंसपेक्टर ने

शनिवार रात पुलिस गिरफ्त में आने से महज कुछ ही मिनट पहले कस्बे के निवासी शादाब सिद्दीकी नामक युवक भी इस नकली दरोगा की आबड़ में फंस गया था और इस दरोगा ने उसी अकड़ में उसे भी अर्दब में लेकर काफी हड़काया था। शादाब अपनी कार से आ रहा था तभी रास्ते में इस नकली दरोगा जितेन्द्र की उससे भेंट हो गई। जितेन्द्र ने उस पर रौब गालिब करते हुये कहा कि जानता नहीं कि वह सीबीआई इंसपेक्टर है, अभी लोकल पुलिस बुला कर उसको अंदर करवा दूंगा। बेचारा सहमा शादाब किसी तरह उसके चंगुल से निकल कर जा सका। दरोगा के पकड़े जाने पर शादाब उसे देखने कोतवाली पहुंचा और पूरी बात बताई।

 

 

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