कोंच-उरई । नगर के बाल रंगकर्मियों की आजकल बल्ले बल्ले है, दो-दो नामचीन सांस्कृतिक संस्थाओं के सानिध्य में यहां के बाल रंगकर्मी अपनी कला को निखारने में लगे हैं। अमरचंद्र महेश्वरी इंटर कॉलेज में भारतीय जन नाट्य संघ इप्टा की नि:शुल्क ग्रीष्मकालीन बाल एवं युवा रंगकर्मी नाट्य कार्यशाला तथा कमला नेहरू बालिका इंटर कॉलेज में दर्पण संस्था की नि:शुल्क कार्यशायें जारी हैं जिनमें सैकड़ों बच्चे प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

 

 

 

 

इप्टा कार्यशाला को संबोधित करते हुये संस्था सचिव पारसमणि अग्रवाल ने कहा कि सांस्कृतिक चेतना के द्वारा समाज को नई दिशा एवं दशा दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि आप लोग जरूर ही अपने मुकाम पर पहुचेंगे बशर्तें ईमानदारी, लगन के साथ मेहनत करें। प्रशिक्षक टिं्रकल राठौर ने कहा कि जनचेतना का सबसे सशक्त माध्यम है नाटक। नाटक के माध्यम से जनता की बात को जनता तक बेहद ही सरलता पूर्वक पहुंचा सकते हैं। कार्यशाला की शुरुआत इप्टा गीत ‘बजा नगाड़ा शांति काÓ के साथ हुया। ततपश्चात रंगकर्मियों ने अभिनय के गुर सीखे। पुष्पेंद्र सिंह, एवं राजेश राठौर की अगुवाई में टोलियों का गठन कर नाटकों की रिहर्सल कराई गई। इस अवसर पर इप्टा कोंच के संरक्षक अनिल वैद एडवोकेट, इप्टा कोंच के संस्थापक अध्यक्ष व प्रांतीय सचिव डॉ. नईम बॉबी, राशिद अली, भास्कर गुप्ता, राजेश, इकरा, हिमानी, रानी, सायना, आदर्श, राज, पीयूष, कन्दर्प, समर्थ, अमनखान, अमन, दानिश, बर्षा, योगवेन्द्र, अंकित, तैयबा, रिया यादव आदि उपस्थित रहे। इधर, कमला नेहरू बालिका इंटर कॉलेज में जारी दर्पण की कार्यशाला में प्रशिक्षक और संस्था प्रमुख डॉ. मृदुल दांतरे ने कहा कि ‘दर्पणÓ जैसी कार्यशलायें ही समाज में नई चेतना को जगाने के साथ बच्चों के अंदर छिपी हुई कला को निखारने के काम करती हैं। उन्होंने कहा कि दर्पण के प्रशिक्षकों का यह बेहतर प्रयास है कि कोंच के बच्चों को एक्टिव बनाने का काम कर रहे हैं, यही बच्चे आगे चलकर समाज में नये रंग भरते है। इस मौके पर नबाब सूर्यदीप सोनी, दीपक सोनी, ऋषि झा आदि प्रशिक्षण देने का काम कर रहे हैं। दो सैकड़ा रंगकर्मी मौजूद रहे।

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