उरई। 18 वर्षीय युवक की हत्या के मामले मे फरार होकर गाजियाबाद में छुपे इनामी आरोपी को पुलिस ने 11 वर्ष बाद गिरफ्तार कर लिया है। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
मामूल रहे कि सन 2007 में 31 जुलाई को मोहल्ला राजेन्द्र नगर में हुए हमले में लकी उर्फ इंद्रकुमार (18वर्ष) पुत्र देवेंद्र सिंह की तमंचे की बटों से चोट आने के कारण उपचार के दौरान मेडिकल कालेज झांसी में मौत हो गई थी। इस मामले में दो अन्य लोग शिवपूजन व शंकर गंभीर रूप से घायल हो गये थे।
मामले का मुख्य आरोपी अनिल पुत्र भगवान दास वर्मा घटना के बाद फरार हो गया था। 25 हजार रुपये का इनाम घोषित होने के बावजूद इतने वर्षों से उसकी गिरफ्तारी करने में पुलिस सफल नही हो पा रही थी। अंततोगत्वा सालों से फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाये जा रहे अभियान के दौरान पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने स्वाट टीम को प्रभारी निरीक्षक बृजनेश यादव के नेतृत्व में उसे पकड़ने का दायित्व सौंपा। गहन सुरागरशी के बाद स्वाट टीम ने उसे गाजियाबाद जिले के थाना लौनी बार्डर अंतर्गत तिलकराम कालोनी में दबोच लिया। हालांकि औपचारिक तौर पर उसकी गिरफ्तारी उरई में ही इकालासपुरा चैराहे से दर्शाई गई है।
पुलिस अधीक्षक ने इस कामयाबी पर बृजनेश यादव और उनकी टीम की पीठ थपथपाते हुए पकड़े गये आरोपी पर घोषित इनाम 25 हजार रुपये उन्हें प्रदान किये।

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