उरई। अपनत्व महोत्सव का दूसरा दिन पुरातन विद्यार्थियो को समर्पित रहा। दशको बाद कई विद्यार्थी जब कालेज पहुॅचे तो उन्हें अतीत में ओझल सी हुई यादों ने घेर लिया। इस अवसर को और भावनात्मक बनाने को ऐसे विद्यार्थियों को शॉल ओढाकर सम्मानित किया गया।

श्री बेनीमाधव तिवारी इण्टर कालेज के स्वर्णजयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित अपनत्व महोत्सव का दूसरा दिन भावनाओं में डूवा गया। जो यहॉ आकर पढे-लिखे उन्होंने स्मृतियों के पन्ने पलटे। मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डा अरविन्द्र चतुर्वेदी ने भी इस परिप्रेक्ष्य में स्कूली यादों का स्मरण किया। कहा कि श्री बेनीमाधव तिवारी इण्टर कालेज आने पर इस बात का एहसास हुआ कि यहॉ पर प्रतिभाओं का सृजन होता है। नम्रता की विनम्रता यहॉ की तरक्की का आधार है। डा चतुर्वेदी ने कहा कि विद्यार्थी को गुरूजनों के सम्मान में हर पल कि प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा विद्यार्थियों की  प्रगति का मूल आधार होती है। इस लिए उसे इसकी मजबूती पर ध्यान रखना चाहिए। अपर पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र नाथ तिवारी ने विद्यालय के गुणोत्तर प्रगति की कामना की। जिला विद्यालय निरीक्षक भगवत प्रसाद पटेल ने कहा कि पूरे प्रदेश में मान्यता प्राप्त स्कूलों मे बी0एम0टी0 ऐसी पहली संस्था है जहॉ पुरातन विद्यार्थियों के लिए कोई समारोह हो रहा है। प्रदेश तक मे इसकी सूचना पहुचाउॅगा। पुरातन विद्यार्थियों को समझते रहे। वरिष्ठा पत्रकार अनिल शर्मा ने कहा कि अपनत्व के लिए व्यक्ति को पहले खुद अपने भीतर एक संघर्ष करना होता है तव जाकर वह किसी को अपना बना सकता है। संपादक सुधीर त्रिपाठी ने लक्ष्य तक पहुचने के लिए इरादों को नक करना होगा। एकाग्रता के बिना लक्ष्य प्राप्ति असंभव है। सांसद भानुप्रताप वर्मा ने एक कक्ष बनवाने की घोषणा कर कहा कि सरकार बच्चों के शैक्षिक विकास पर पूरा ध्यान दे रही है।

भाजपा जिलाध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने कहा  कि बाल्यकाल को व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण समय होता है। कहा कि अपनत्व की तरह हर व्यक्ति को एक व्यक्ति को गोद लेना चाहिये। शिक्षा प्रकोष्ठ के संयोजक आशीष मिश्रा चमारी ने अपनत्व के कार्यो को अति उत्तम  बताया। समारेह की अध्यक्षता करते हुये प्रकोष्ठ प्रधानाचार्य प्रभारी शिव कुमार पाठक ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से विद्यार्थियों में संस्कार जन्म लेते हैं। प्रतिभा कोई भी हो उसकी पहचान कर निखारा जाये तो प्रयास विफल नही होगा। उन्होने अपनत्व के भाव को समाजिक समरसता के लिये महत्वपूर्ण माना।

इस अवसर पर छात्रों ने लोक संगीत के साथ भाव नृत्य प्रस्तुत किये। पुरातन विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। ऐसे विद्यार्थियों में देवेन्द्र पाण्डेय, सुधीर त्रिपाठी, कृष्ण गोपाल अवस्थी, राम गोपाल, करीब तीन दर्जन लोग थे। अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रवंधक नमृता तिवारी दीक्षित, कार्यक्रम संयोजक सुदामा दीक्षित ने भेंट किये। संचालन हेमेन्द्र प्रताप ने किया।

इस अवसर पर पूर्व विधायक विनोद चतुर्वेदी, डा राकेश द्विवेदी वरिष्ठ पत्रकार, डीसीडीएफ अध्यक्ष शैलेन्द्र्र पाण्डे, डा रेनू चन्द्रा, डा अंकुर शुक्ला, डा कुमारेन्द्र सेंगर, भाजपा जिला महामंत्री नीरज

श्रीवास्तव, अमित समाधिया, गुरू प्रसाद, रिंकू संगर, मोहित परमार, जितेन्द्र कुमार, पिण्टू द्विवेदी, विजय मिश्रा प़त्रकार , अरविन्द भदौरिया, सतेन्द्र पस्तोर आदि मौजूद रहे।

 

आजकल की बहुऐ-विटियॉ खूबई खाबे गुटखा………..

अपनत्व महोत्व मे दूसरे दिन जहॉ अतिथियो और पुरातन छात्रो का सम्मान प्रमुख आकर्षण रहा तो बही इस कार्यक्रम में चार चॉद विद्यालय के बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने लगाये।

लोक संगीत तथा लोक नृत्य एवं बृज गीत के माध्यम से उन्होने अतिथियों को आनन्दित किया। अपनी इन प्रस्तुतियो के माध्यम से उन्होने समाज को कुछ संदेश भी दियें। बच्चो द्वारा प्रस्तुत आज कल की बहुयें-विटियॉ खूबई गुटखा खाबे लोक गीत को जमकर सराहा गया। इसी क्रम में बृज गीत श्याम फोडो ना गगरियॉ मे जिस प्रकार से बच्चो ने अपने भाव प्रकट किये उसके चलते इस क्रियात्मक गीत को सभी उपस्थितयों ने ताली बजाकर उत्साहवर्धन किया। बच्चो के गीत एक के बाद एक चलते रहे और अतिथि गण उनका आनन्द लेते रहे। या यों कहे कि सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से तमाम गणमान्य नागरिक पूरे समय मैदान में कार्यक्रम का आनन्द उठाते रहे। सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल रहे बच्चों में कुमकुम, भूमि, भारती, छवि, रेश्मा, रेनू पाल, दिव्या, काजल, कीर्ति मोहिनी, नेहा, रूबी, सीता, रश्मि शिवानी, आदि रहे।

 

 

 

 

 

 

पुरानी यादे ताजा होते ही छल-छला आई आखे

श्री बेनीमाधव तिवारी इण्टर कालेज मे सम्मानित किया गया पुरातन छात्रो को

उरई। रविवार का दिन श्री बेनीमाधव तिवारी इण्टर कालेज के लिए खास रहा। यहा आयोजित पुरातन विद्यार्थियो का सम्मेलन कई यादों को ताजा कर गया। नवीन वा पुरातन छात्रो के बीच ऐसा समागम हुआ कि पुरानी स्मृतिया याद कर छात्रो की आखें छल-छला आई । सम्मेलन में कई पुरातन छात्रो को सम्मानित किया गया।

आटा स्थित श्री बेनीमाधव तिवारी इण्टर कालेज के स्वर्णजयंती समारोह पर आयोजित अपनत्व समारोह के दूसरे दिन पुरातन छात्रो का सम्मेलन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम को लेकर नवीन और पुरातन छात्रो में गजव का उत्साह देखा गया। नवीन छात्र इस बात को लेकर खुश थे कि उन्हे पुरातन छात्रो के अनुभवो को सुनने  का मौका मिलेगा। कार्यक्रम स्थल पर जव नवीन और पुरातन छात्र एक साथ बैठे तो माहौल  खुशनुमा हो गया। कार्यक्रम के दौरान कई वार ऐसे दृश्य सामने आये जब पुरातन छात्रो की आखों से आसू छल-छला आये। यहा की छात्रा रही राधा पाण्डेय ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुये कहा कि जब मुझे यह जानकरी मिली  कि हमारे स्कूल में पुरातन छात्रो का सम्मेलन हो रहा है तो मेरी खुशी का कोई ठिकाना नही रहा। आज मै जो भी हू वह इस विद्यालय की वजह से हू। संबोधन के दौरान वह इतनी ज्यादा भावुक हो गई कि वह अपने आसुओ को नही रोक पाई।

वरिष्ठ पत्रकार सुधीर त्रिपाठी ने श्री बेनीमाधव तिवारी इण्टर कालेज मे बिताये हुये पलो को याद करके कहा  कि जिस समय इस विद्यालय की आधारशिला रखी गई होगी उस समय निश्चित रूप से शिक्षा का अभाव रहा । होगा। आज का जो कार्यक्रम है वह भावुक करने वाला है। उन्होने कहा कि कोई काम छोटा या बडा नही होता। अगर पूरी तन्मयता से कार्य किया जाये तो निश्चित रूप से सफलता मिलेगी। सम्मेलन में सम्मान पाकर पुरातन छात्रो के चहरे खुशी से लबरेज दिखे । इस मौके  पर किशोरी बल्लभ,दुर्गा सिंह,रामधनी गुप्ता,रामगोपल द्विवेदी,गोपल कृष्ण अवस्थी, सुधीर त्रिपाठी,कैलाश शंकर, शिवनरायण पण्डेय,विश्वनाथ गुप्ता,रवि शुक्ला,जयप्रकाश पाण्डेय,जगदीश गुप्ता,रविन्द्र तिवारी,मुन्ना लाल आदि को सम्मानित किया गया।

 

 

 

 

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