
उरई । गुरुवार को कार्यालय मुख्य चिकित्साधिकारी से सेवानिवृत्त
हुये दो वरिष्ठ कर्मचारी श्रवण कुमार श्रीवास्तव नाजिर एवं राजेंद्र बाबू शर्मा
अपर शोध अधिकारी को भावभीनी विदाई दी गयी। इस विदाई कार्यक्रम में
सभी साथी कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने उक्त दोनों के कार्यकाल के
संबंध में अपने विचार रखे। इस अंतरंग भावाभिव्यक्ति में लोगों ने
खूब ठहाके लगाये तो अनेक अवसरों पर लोगों की आंखें भी बिछुड़न की
पीड़ा से नम हो गयी।

अचल प्रशिक्षण केंद्र में सीएमएस जिला पुरुष चिकित्सालय डा. अजय कुमार
सक्सेना की अध्यक्षता एवं उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वय डा. बीएम खैर व डा.
सत्यप्रकाश और डीएमओ ज्ञानस्वरूप स्वर्णकार की उपस्थिति में आयोजित इस
विदाई समारोह को संबोधित करते हुये सीएमएस डा. सक्सेना ने कहा कि
जहां तक उनकी जानकारी है श्री श्रीवास्तव एवं श्री शर्मा का कार्यकाल बहुत ही
अच्छा रहा और दोनों की बेदाग सेवाओं के साथ सेवानिवृत्ति एक अन्यतम
उपलब्धि है। डा. खैर ने दोनों वरिष्ठ कर्मचारियों को सीख दी कि वह
अच्छे स्वास्थ्य के लिये योगा अवश्य करें और अपनी व्यस्तता किसी उपयोगी तथा
अर्थ प्रदान करने वाले कार्य में करें। डा. सत्यप्रकाश ने उज्जवल भविष्य की
शुभकामनायें माइक पर आये बिना की। जबकि डीएमओ स्वर्णकार ने कहा कि
उन्हें इस विदाई कार्यक्रम की जानकारी नहीं थी बरना वह एक अच्छी कविता
लिखकर लाते। उन्होंने श्रीवास्तव और शर्मा के उज्जवल, स्वस्थ्य व शतायु
भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम की शुरूआत श्रीगणेश पूजन से किया गया और बड़ी संख्या में
साथी कर्मचारियों ने संबोधन दिया। कर्मचारी ज्योति ने गीत सुनाया।
संचालन अशरफ खान ने किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में मीडिया के लोग
उपस्थित रहे और वरिष्ठ पत्रकार विनोद गौतम ने दोनों कर्मचारियों को
विदाई की शुभकामनायें दी तथा कहा विदाई अपने आपमें एक दर्द को
समेटे हुये हैं। विदाई और बिछुड़न शब्द समान होते हुये भी समान नहीं
है। उन्होंने सलाह दी कि सेवानिवृत्ति पश्चात कर्मचारी, अधिकारी का घर बैठ
जाना, अकर्मण्यता को विभिन्न बहानों के साथ अपना लेना एक प्रकार से
आत्मघात है। जो सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने कार्यकाल को नियमितता को
बनाये रखते हैं तथा अर्थोपार्जन भी करते हैं वह अस्वस्थ्य नहीं होते।
अध्यक्ष लिपिक वर्ग संघ सीएमओ कार्यालय हरिमोहन, मंत्री रमेश उपाध्याय,
अरविंद कुमार, राघवेंद्र भदौरिया, शशिकुमार त्रिपाठी स्टेनो, संतोष
कुशवाहा, डीपीएम डा. प्रेमप्रताप, रामनरेश शर्मा, सतीश वर्मा, सतीश
बाबू, श्रीमती मीना कटियार आदि ने फूलमालायें पहिनाकर पुष्प गुच्छ तथा
उपहार भेंटकर उक्त दोनों कर्मचारियों को मिलते रहने की कामना के साथ
विदाई दी। दोनों कर्मचारियों को फूलमाला पहनी हुई अवस्था में
बैण्डबाजों के साथ ले जाकर उनकी कारों में बैठाया गया। उनकी गाड़ियों
को भी फूलों से लाद दिया गया। उक्त दोनों कर्मचारियों ने अपने
कार्यकाल में हुई किसी भूल चूक के लिये क्षमा मांगते हुए सभी सहयोगी
कर्मचारियों का हृदय से आभार प्रकट किया।





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