कालपी –उरई। भारत के जवानों के काफिश मे पुलवामा मे जो आतंकी हमला कर के उन जवानों की जाने ली गई है इस हमले के बाद हर हिंदुस्तानी की आँखों मे गम और गुस्सा नज़र आ रहा है।कालपी की ट्रेनिंगमेंट बड़ी मस्जिद के खती इमाम हाफिज हाजी इरशाद अशरफी ने की है। इस घटना पर कड़ी निदा करते हुए भारत सरकार से अपील की है कि इस दर्दनाक हमले का असर भारत को जरूर लेना चाहिए और पाकिस्तान को इसका मुहतोड़ समर्थन देना नहीं होगा तो वह इस हमले स । और शेर हत्यारे ।इमाम हाफिज इरशाद ने कहा है कि इस्लाम मुहब्बत और इंसानियत का पैरकार है। इस्लाम किसी की जान लेना या लोगों मे आकर आतंक फैलाने की कतई इज़ाज़त नहीं देता है। और अगर आतंकवादी अपना नाम इस्लामिक रख भी ले तो उसका इस्लाम से कोई वास्ता नहीं होता, क्योंकि वह इस्लाम के खिलाफ है। मदरसा गौसिया के प्रिंसिपल मुफ़्ती तरिक बरकाती ने कहा है कि आतंकवादी इस्लाम को धोखा दे रहा है, का का इस्लाम मे कोई स्थान नहीं है। और इस हमले के बाद सरकार को खामोश नहीं बैठना चाहिए। मौलाना ज़ाहिद अली ने कहा है कि हम हिंदुस्तानी मुसलमान इस घटना को बडे ही दुख के साथ इसकी इज़हार करते है और इस आतंकवादियों को पनाह देने वाली हुकूमत की मज़दूर करना है ।पुलवामा कि इस दर्दनाक घटना को जिन लोगो के बेटे, शुहार
बाप इस दुनिया से चले गए हैं हम उन परिवार वालो के दुख दर्द को समझ सकते हैं और भारत सरकार से इसकी संशोधित लेने की मांग भी करते हैं कि उन्हें सबक सिखाया जाए। कारी जसीम अहमद ने भी इस हमले में गम व अपने गुस्से का इज़हार करते हुए कहा है कि अब खामोश बैठने का वक़्त नहीं है भारत सरकार को ठोस क़लम उठाना ही चाहिए। मदद मांगने की मांग






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