* सेठ बद्रीप्रसाद कॉलेज के सात दिव्य एनएसएस शिविर का जुझारपुरा में हुआ समापन

कोंच-उरई। सेठ बद्रीप्रसाद स्मृति महाविद्यालय के ग्राम जुझारपुरा में चल रहे सात दिव्य बिशेष एनएसएस शिविर का बुधवार को विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच समापन हो गया है। स्वयंसेवकों ने इन सात दिनों में जो भी क्रियाकलाप किए उन्हें उन्हें एक दूसरे से साझा किया।

ब्रजविहारी राजपूत की चाल और डॉ। मृदुल दांतरे के मुख्य आतिथ्य में ग्राम जुझारपुरा के प्राइमरी स्कूल में शिविर का समापन हो गया है। डॉ। दांतरे ने कहा कि राष्ट े े सेवा योजना के माध्यम से छात्र छात्राओं को ग्राम्य जीवन के बारे में गहराई से जानकारी प्राप्त होती है, वहाँ के वातावरण, लोगों के रहनेन सहन के तौर तरीकों को समझने का मौका मिलता है और उनके लिए कुछ करने का भाव मन में होता है। है पैदा होता है। ग्रामीण जीवन में ग्रामीणों को किन विसंगतियों से गुजरना पड़ता है, इसे जान समझ कर बदलावों के प्रयास किए जा सकते हैं। इस दौरान स्वयंसेवकों ने बीते सात दिनों में जो कार्यक्रम चलाए उनके अनुभव साझा किए। इस अवसर पर राघवेन्द्र, नैन्सी, रीनू पटेल, गीतांजलि, विकास मिश्रा, कार्यक्रम अधिकारी डॉ। सरताज खान, डाॅ। ब्रजेन्द्रसिंह, धर्मेन्द्र, राधेश्याम पटेल, मंगल, मनोजकुमार, कल्लू आदि मौजूद रहे।

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