
झांसी । प्रियंका गांधी के मोर्चा सम्हालने के बाद भी कांग्रेस का पुरसाहाल नहीं है । मंगलवार को पूर्व राज्य मंत्री रणजीत सिंह जूदेव ने झांसी ललितपुर क्षेत्र से पार्टी के संभावित उम्मीदवार प्रदीप जैन के ख़िलाफ़ प्रेस कान्फ्रेंस कर खुला बिगुल बजा दिया । इतना ही नहीं उन्होने सपा बसपा गठबंधन के कसीदे काढ़ कर अपनी पार्टी को और ज्यादा असहज स्थिति में धकेलने में कसर नहीं छोड़ी ।
प्रियंका गांधी के राजनीति में आने से कांग्रेस को ले कर पूरे उत्तर प्रदेश में सियासी फिजा बदलती देख पार्टी के लोग आपसी उठापटक से किनारा कर गए थे और बगाबती सुर भी हवा हो चले थे लेकिन रणजीत सिंह जू देव ने आज इस मंजर को पलट देने की कोशिश कर डाली । उन्होने यह कह कर नेतृत्व को सकते में डाल दिया कि अगर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन को टिकट दिया गया तो वे उनका प्रचार नहीं करेंगे ।
राहुल के खास दरबारी हैं प्रदीप
प्रदीप जैन राहुल गांधी के खास दरबारी हैं तो समथर के पूर्व हिज हाइनेस जू देव ज्योतिरादित्य के नजदीकी रिश्तेदार हैं । जाहिर है कि राहुल गांधी की लिस्ट में टिकट के लिए वरीयता में प्रदीप जैन का नाम सबसे ऊपर है । पर जू देव को इग्नोर करना भी राहुल के लिए आसान नहीं है ।
प्रदीप जैन के दामन पर पैकेज घोटाले के छींटे
पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन मीडिया की सुर्खियों में बने रहने के माहिर हैं क्योंकि उनका बैक ग्राउंड एनजीओ संचालक का है । बुंदेलखंड में किसानों की आत्महत्या का मुद्दा उन्होने राहुल गांधी को पकड़ाया था जिससे राहुल गांधी अपनी शुरुआत में काफी चमके थे । राहुल गांधी इस वजह से आज तक उनके मुरीद हैं हालांकि प्रदीप जैन ने इस आड़ में जम कर धंधा किया । उनके कहने से राहुल गांधी ने मनमोहन सिंह से खरबों रुपये का बुंदेल खंड पैकेज रिलीज कराया था जिसमें भारी कमीशनखोरी के आरोपों के छींटे उनके दामन को इस कदर दागदार कर गए कि गत लोकसभा चुनाव में उनकी जमानत जब्त हो गई ।
रस्सी जल गई पर ऐंठ ……
जू देव को भी जमाने की हवा बदल जाने का गुमान नहीं है । उनके अंदर सामंतशाही ठसक आज भी बरकरार है जबकि आज अपने क्षेत्र में भी उनका कोई राजनीतिक वजूद नहीं बचा है । इस क्षेत्र के आज के सिरमौर नेता दीपक यादव का परिवार कभी उनके कारिंदों में था लेकिन वे उनके ही मुकाबिल खुद चुनाव हार चुके हैं । इसके अलावा राजा भैया उनके सगे भांजे हैं जो अलग पार्टी बना चुके हैं । इस कारण कांग्रेस का नेतृत्व उन्हे भरोसेमंद नहीं मानता । कहते हैं कि रस्सी जल गई पर ऐंठन न गई यही हाल जू देव का है । खुद की जमानत बचाने की हैसियत नहीं है लेकिन पूरे बुंदेलखंड के ठेकेदार बनना चाहते हैं ।






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