एट। गांव में चौदह दिन के लिए बने शेल्टर होम की देखभाल करने के बाद बाइक से रात्रि के समय अपने घर जा रहे प्रधानाध्यापक अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल होकर सडक़ पर पड़े। वहीं गांव में गश्त करने जा रही पुलिस ने सडक़ पर घायल को पड़ा देखा तो उसे एंबुलेंस की मदद से तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
एट थाना क्षेत्र के ग्राम खरुसा निवासी रामकुमार निरंजन (58 वर्ष) पुत्र हरदास निरंजन एट न्याय पंचायत के ग्राम सेवढ़ी में खुले माध्यमिक पाठशाला में प्रधानाचार्य पद पर तैनात थे। प्रशासन के आदेश पर बाहर से आने वाले मजदूरों को चौदह दिन तक स्कूल में बने शेल्टर होम में रखकर उनकी देखभाल करने की जिम्मेदारी थी और गुरुवार की रात को वह शेल्टर होम का पूरा काम निपटा कर अपने गांव बाइक से जा रहे थे। जब वह कानपुर झांसी हाइवे से अपने गांव हरदोई रोड के लिए मुड़े तभी रेलवे क्रासिंग के पास अज्ञात वाहन ने पीछे से बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बाइक सवार प्रधानाध्यापक उछलकर सडक़ पर गिरकर लहूलुहान हो गए। वह सिर में हेलमेट लगाए थे। हादसा होते ही हेलमेट सिर से निकलकर दूर जा गिरा। इसकी वजह से उनको गंभीर चोटें आईं। रात के समय गांव में गश्त करने जा रही पुलिस ने जब ने प्रधानाध्यापक को घायल अवस्था में सडक़ पर पड़ा देखा तो थानाध्याक्ष अरुण कुमार तिवारी को सूचना दी जिन्होंने तत्काल एंबुलेंस से उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां पर डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों को भी सूचना दे दी गई है। सूचना मिलते ही उनके घर में कोहराम मच गया और परिजनों के अस्पताल पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।

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