कालपी। कालपी नगर की बीस तथा तहसील क्षेत्र की करीब सत्तर शराब की दुकानें जहां अब सुरा के शौकीन लोगों चोरीछिपे शराब के सेवन पर लगी रोक हटने के साथ सोमवार को सभी प्रकार के मदिरालय खुल गए तथा सुबह दस से शाम सात बजे तक शासन से आई गाइड लाइन के मुताबिक शराब की बिक्री कर सकेंगे। सोमवार को शराब की दुकानें खुलते ही देशी व अंग्रेजी शराब ठेकों में अच्छी खासी भीड़भाड़ रही जबकि बीयर शाप की दुकान में सन्नाटा पसरा रहा।
मालूम हो कि कोरोना वायरस महामारी को रोकने के शासन के आदेश पर उपजिलाधिकारी कालपी कौशल कुमार द्वारा आबकारी विभाग के अधिकारियों द्वारा शराब ठेकों को सील कर दिया गया था। लाक डाउन के दौरान प्रशासन ने शराब और गुटखा आदि नशीली वस्तुओं की बिक्री पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी थी लेकिन शासन के इस आदेश का पूरी तरह से पालन नहीं हो रहा था। आलम यह था की फुरसत के क्षणों में लोग इन वस्तुओं का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे थे। इतना ही नहीं शराब तथा गुटखा विक्रेता भी एक बंदी का भरपूर फायदा उठा रहे थे और लोगों को जरूरत अनुसार कई गुना कीमतों पर बेच रहे थे जिसकी भनक शायद प्रशासन तक पहुंच गई थी और उसी के चलते उपजिलाधिकारी कौशल कुमार के निर्देश पर प्रशासन व आबकारी विभाग के निरीक्षक राजीव कुमार ने कालपी की बीस तथा तहसील क्षेत्र की सत्तर दुकानें जो देशी,अंग्रेजी तथा बियर की दुकानें हैं उनको सील कर दिया था। सोमवार को नगर व क्षेत्र के सभी देशी, अंग्रेजी व बीयर की दुकानें खोल दी गई। सोमवार की सुबह दुकानें जैसे ही खोली गई तथा पंद्रह मिनट बाद अफरा तफरी के बीच बंद करा दी गई। इसके बाद आबकारी विभाग के लिखित आदेश आने के साथ फिर खोल दी गई तथा देशी व अंग्रेजी शराब ठेकों पर अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली जबकि बीयर शाप की दुकानों में सन्नाटा पसरा रहा। शराब ठेकों पर शासन की गाइड लाइन देखने को मिली। सेल्समैन मास्क व ग्लब्स पहनकर शराब बेच रहे थे तो वहीं सोशल डिस्टेंसिंग के लिए गोले व हैंडवाश करने के लिए साबुन पानी की व्यवस्था के साथ सुबह दस से सात बजे तक शराब ठेके खोलने की अनुमति दी गई है।
इनसेट–
किताबों की दुकानें व गल्ला मंडी न खुलने से लोगों ने की आलोचना
चालीस दिन के लाकडाउन की अवधि पूरी होने के बाद किराना, फल, दूध, सब्जी व मेडिकल स्टोर, कृषि यंत्र की दुकानों के अलावा शराब की दुकानें खोलने के निर्देश के बाद स्थानीय लोगों ने अलग अलग प्रतिक्रिया दी है तथा स्कूली बच्चों की कापी किताब की दुकानें न खोले जाने तथा किसानों की उपज को बेचने के लिए गल्ला मंडी न खोले जाने जैसी महत्वपूर्ण आवश्यकता के निर्णय पर सरकार की आलोचना करते लोग दिख रहे हैं।





Leave a comment