भिंड. चम्बल घाटी के अपने जमाने के सबसे बड़े डकैत सरगना रहे मोहर सिंह का आज निधन हो गया. उन्होंने जय प्रकाश नारायण की प्रेरणा से 1972 में मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमन्त्री प्रकाश चंद्र सेठी के सामने पूरे गिरोह के साथ समर्पण किया था. उस समय मोहर सिंह और माधौ सिंह चम्बल घाटी में आतंक के सबसे बड़े पर्याय थे. समर्पण के बाद दोनों के लिए  मुंगावली में खुली जेल  बनायी गयी थी.
जेल से छूटने के बाद मोहर सिंह राजनीति में सक्रिय हो गये थे. वे भिंड जिले की गोहद नगर पालिका के अध्यक्ष भी चुने जा चुके थे.

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