प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाले किसानों का हुआ सम्मान, 1000 किसानों की मौजूदगी में आयोजित हुआ समारोह

उरई। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने और किसानों को नवाचार के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से 18 जून को तहसील प्रांगण उरई में भव्य किसान सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद के 25 प्रगतिशील किसानों को प्राकृतिक खेती, बहुफसली खेती एवं कृषि नवाचारों के लिए सम्मानित किया गया।

समारोह में लक्ष्मी नारायण चतुर्वेदी (सालाबाद) को प्राकृतिक खेती एवं चंदन की खेती के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया। वहीं शिव शंकर चतुर्वेदी (कोकरगांव) को एक साथ पांच प्रकार की खेती करने की अभिनव पहल के लिए सम्मान मिला। इसके अलावा बृजेश त्रिपाठी (बैरागढ़), वीरेंद्र पांडे (इटोरा), राम सिंह पटेल तथा अरुण सिंह गुर्जर (हरदोई गुर्जर) सहित अन्य किसानों को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी राजेश पांडेय रहे, जिन्होंने सम्मानित किसानों को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल किसानों की लागत कम करती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने किसानों से रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर एडीएम नमामि गंगे, सिटी मजिस्ट्रेट, भाजपा जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित, गौ सेवा आयोग के सदस्य राजेश सिंह सेंगर, मुख्य विकास अधिकारी कुमारेंद्र कल्याण सिंह, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, डीपीआरओ तथा कृषि विभाग से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में किसान संघ के प्रांतीय अध्यक्ष साहब सिंह चौहान सहित जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 1000 किसानों ने भाग लिया। किसानों को प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण और आधुनिक कृषि तकनीकों के संबंध में भी जानकारी प्रदान की गई।

उपनिदेशक कृषि के मार्गदर्शन में आयोजित यह कार्यक्रम किसानों के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ तथा प्राकृतिक खेती को जनपद में और अधिक बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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