उरई। राजकीय मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने सर्पदंश से गंभीर रूप से पीड़ित एक 19 वर्षीय युवक का सफल उपचार कर उसकी जान बचाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। कालपी निवासी सचिन को 4 जुलाई की सुबह सर्पदंश के बाद गंभीर अवस्था में मेडिकल कॉलेज के आकस्मिक विभाग में भर्ती कराया गया था।
चिकित्सकों के अनुसार युवक को न्यूरोटॉक्सिक (Neurotoxic) विषैले सांप ने काटा था, जिससे उसकी सांस लेने की क्षमता प्रभावित हो गई थी और आंखें खोलने में भी कठिनाई हो रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आकस्मिक विभाग की टीम ने बिना विलंब किए युवक को इंट्यूबेट कर आईसीयू में भर्ती किया और जीवनरक्षक उपचार शुरू किया।
उपचार के दौरान चिकित्सकों ने मरीज को 30 एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) इंजेक्शन लगाए। लगातार निगरानी और गहन चिकित्सा के परिणामस्वरूप उसकी स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और 7 जुलाई को पूर्णतः स्वस्थ होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. महेंद्र सिंह ने स्वयं आईसीयू पहुंचकर मरीज के उपचार की जानकारी ली तथा चिकित्सकों को हर संभव बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कॉलेज प्रशासन के अनुसार, बुंदेलखंड क्षेत्र में 30 एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन देकर सर्पदंश पीड़ित की जान बचाने का यह पहला मामला माना जा रहा है, जो मेडिकल कॉलेज की चिकित्सकीय दक्षता का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
मरीज के उपचार में मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. प्रेम सिंह के नेतृत्व में डॉ. जीतम सिंह राजपूत, डॉ. वीरेंद्र गुप्ता, डॉ. कुलदीप तथा डॉ. पायल सहित चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की पूरी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस सफल उपचार पर प्राचार्य डॉ. महेंद्र सिंह तथा सीएमएस डॉ. संतोष वर्मा ने पूरी चिकित्सकीय टीम को बधाई देते हुए उनके समर्पण, त्वरित निर्णय क्षमता और उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा की सराहना की। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज गंभीर से गंभीर मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।






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