उरई। शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के उपलक्ष्य में शहर के उमरारखेड़ा मोहल्ले में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आयोजित सभा में बच्चों को बाल अधिकारों से संबंधित विभिन्न कानूनों और नियमों की जानकारी दी गई। चाइल्ड लाइन जालौन के तत्वावधान में आयोजित हुए इस कार्यक्रम को सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए सम्पादित कराया गया।
इस दौरान जानकार वक्ताओं ने बताया कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से किसी भी तरह का श्रम कराना प्रतिबंधित है। 14 वर्ष से 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों से कोई खतरनाक कार्य नहीं कराया जा सकता। इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर दो साल तक की सजा और 50 हजार रूपये तक जुर्माना हो सकता है।


कार्यक्रम में चाइल्ड लाइन 1098 तथा गरीब परिवार के बच्चों के लिए प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही बाल श्रम विद्या योजना व अटल आवासीय विद्यालय योजना की भी जानकारी दी गई। चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक शिवमंगल सिंह ने बताया कि अगर कोई बच्चा अकेला और बीमार हो, किसी बच्चे को आश्रय की जरूरत हो, कोई बच्चा छोड़ दिया गया हो या गुम हो गया हो, बच्चे का उत्पीड़न और शोषण हो रहा हो, बच्चे को विवाह के लिए बाध्य किया जा रहा हो और बच्चा शारीरिक एवं मानिसक हिंसा से पीड़ित हो तो वह टोल फ्री हेल्प लाइन नं0 1098 पर काॅल कर सकता है। यह नम्बर 24 घंटे सक्रिय रहता है और इसकी काॅल पर बच्चे तत्परता पूर्वक मदद की जाती है।
इस दौरान बच्चों को एक-एक मास्क, साबुन व बिस्किट के पैकिटों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से बाल कल्याण समिति के सदस्य अरविन्द यादव व जयकरन सिंह, जिला श्रम प्रवर्तन अधिकारी आरके चतुर्वेदी, काउंसलर प्रवीना यादव टीम सदस्य दिनेश कुमार, शिवम सोनी व मयंक कुमार भी उपस्थित रहे।

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