एट। गांव में वालीबाल खेलने के बाद घर आया युवक गर्मी लगने का बहाना बनाकर गांव में घूमने चला गया। जब देर रात्रि तक वह घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी खोजबीन की। उसी समय पिता ने घर के पीछे बने बाड़े में जाकर देखा तो पुत्र का शव पेड़ से लटका हुआ था जिससे वहां हडक़ंप मच गया। चीखपुकार सुनकर परिजन एवं मोहल्ले के लोग इकट्ठा हो गए और पुलिस को सूचना दी।
एट थाना क्षेत्र के ग्राम खरूसा निवासी श्याम सुंदर निरंजन का पच्चीस वर्षीय पुत्र राघवेंद्र उर्फ मुंशी जनवरी माह में चचेरे भाइयों के पास काम करने दिल्ली चला गया था। कुछ ही दिनों काम करने के बाद कोरोना महामारी फैलने की वजह से फैक्ट्रियों में काम बंद हो गया और वह वहां फंस गया। किसी तरह चार माह बीतने के बाद वह कुछ दिनों पहले घर लौट कर वापस आ गया था तभी से उसको कोरोना जांच का डर सताने लगा और वह दहशत में रहने लगा था। घर वालों ने कई बार समझाने की कोशिश की लेकिन वह अपना दिमाग का संतुलन नहीं संभाल पा रहा था। बीती शाम गांव में कुछ दोस्तों के साथ वह वालीबाल खेलने गया और उसके खेलने के बाद घर पर आकर पत्नी से कहा कि उसे गर्मी लग रही है वह गांव में घूमकर आता है लेकिन देर रात्रि तक जब वह घर वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने उसे ढूंढना शुरू किया। कुछ देर बाद पिता श्याम सुंदर जब घर के पीछे बने बाड़े में देखने गए तो पेड़ पर राघवेंद्र लटकता हुआ शव देखा तो वहां हडक़ंप मच गया। चीखपुकार सुनकर मोहल्ले के लोग इकट्ठा हो गए। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पेड़ से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों का कहना है कि पुत्र पहले शराब पीने की आदी था इसलिए उसको दिल्ली में चचेरे भाइयों के पास काम करने के लिए भेज दिया था जिससे उसकी आदत सुधर जाए। कुछ दिनों पहले ही वह गांव में आया था। वहीं एसआई आलोक पाल का कहना है कि जांच की जा रही है कि किन कारणों से युवक ने आत्महत्या की है।

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