सिरसा कलार। सिरसा कलार थाना क्षेत्र के गांव भगौरा में अधेड़ ने रात में फांसी लगाकर जान दे दी। अधेड़ पहले से ही आर्थिक तंगी में था। साथ ही उसकी खरीफ की फसल जानवरों द्वारा चर लिए जाने के बाद उसने यह कदम उठाया।
ग्राम भगौरा निवासी वीर सिंह (50 वर्ष) पुत्र स्व. माताप्रसाद ने सोमवार की रात दस बजे खाना खाने के बाद खेत पर ही मंदिर के पास पीपल के पेड़ में रस्सी डाल कर फांसी से आत्महत्या कर ली। बताया जाता है कि उसने अपने खेत में खरीफ की फसल बोई थी जिसकी वह रोज रात को रखवाली करने जाता था। सोमवार की रात को रक्षाबंधन का त्यौहार होने से उसे देर हो गई और वह रात दस बजे खाना खाने के बाद खेत पर पहुंच पाया। खेत पर जाकर उसने देखा कि अन्ना जानवर उसकी फसल चर गए। इसके बाद उसने पीपल के पेड़ से फांसी लगा ली। सुबह शौचक्रिया को उस तरफ गए लोगों ने जब उसका शव पेड़ से लटका देखा तब परिजनों को सूचना दी। बताया जाता है कि वीर सिंह पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। उसने लगभग डेढ़ वर्ष पहले किसान क्रेडिट कार्ड इलाहाबाद बैंक न्यामतपुर से बनवाकर बिटिया की शादी की थी। उसके तीन पुत्रियां हैं जिनमें वह दो की शादी कर चुका है जबकि तीसरी पुत्री की उम्र सत्रह साल है वहीं उन्नीस वर्ष का उसका पुत्र है। वीर सिंह ने खरीफ की फसल में तिल, उर्द, बाजरा बोया था। बैंक का कर्ज व घर की माली हालत नाजुक होने से वह हमेशा तनाव में रहता था और टैंपो चलाकर गुजर बसर करता था पर लाक डाउन होने से उसकी इस जरिए से भी कमाई कम हो गई थी। मृतक तनाव ग्रस्त होने के कारण शराब का भी लती हो गया था। घटना की सूचना मृतक के बेटे सत्यम ने पुलिस को दी थी। वीर सिंह की मौत से उसकी पत्नी संगीता का रो रोकर बुरा हाल है। इंस्पेक्टर अशोक वर्मा का कहना है कि मृतक आर्थिक तंगी से तनावग्रस्त था। शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

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