उरई। रामनगर स्थित आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में 52 बटुकों का 2 दिवसीय जनेऊ संस्कार कार्यक्रम आयोजित किया गया। दूसरे दिन गुरूवार को प्रातः 4 बजे से विभिन्न कर्मकाण्ड सम्पन्न कराये गये। तदोपरांत सुबह 10 बजे विद्यालय के प्रबंधक और कालपी के विधायक विनोद चतुर्वेदी ने ध्वजा रोहण कर छात्रों और शिक्षकों को राष्ट्र रक्षा का संकल्प दिखाया ।
यज्ञशाला मण्डप में विद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य डा0 पूर्णेन्द्र मिश्र ने बटुकों के यज्ञोपवीत को हिन्दू धर्म के 16 प्रधान संस्कारों में महत्वपूर्ण बताया जिसका अर्थ होता है गुरू के समीप ले जाकर ब्रम्ह ज्ञान करवाना। यज्ञोपवीत धारण करने वालों के सभी नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करना पडता है। डा0 शालिगराम शास्त्री ने बटुकों को यज्ञोपवीत के नियमों की विस्तृत विधि का उपदेश दिया। कार्यक्रम में महांत रामकृष्ण दास जी महाराज , प्रदीप महेश्वरी , सर्वेश शाडिल्य , अभय द्विवेदी, अवनीश चन्द्र द्विवेदी, विवेक महाराज , आदित्य , विभूति वेद , रामरूप वेदान्ती , अनुराग देवकी नंदन आदि उपस्थित रहे।








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