गांव-गांव में बाल विवाह की होगी निगरानी


उरई।
प्रत्येक गांव में बाल विवाह की रोकथाम के लिये गठित समितियों को सक्रिय किया जायेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं कोई बाल विवाह नहीं होगा।
यह बात नदीगांव ब्लाक सभागार में महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित बाल कल्याण संरक्षण समिति, बाल विवाह की रोकथाम हेतु टास्क फोर्स, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की टास्क फोर्स की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुये खण्ड विकास अधिकारी गौरव कुमार ने कही।
बीडीओ ने कहा कि प्रत्येक ग्राम में बाल कल्याण समिति की बैठक नियमित रूप से कराई जाये और बच्चों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक किया जाये। साथ ही विद्यालयों में बच्चों का शत प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाये। गांवों में जन्मी बेटियों के नाम पर पौधरोपण कराये जायें।
जिन बच्चों ने अपने माता पिता में से किसी एक को खो दिया है उन्हें मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में शामिल किया जायेगा। बाल श्रम में लगे बच्चे कहीं दिखें तो तत्काल बाल कल्याण समिति को अवगत करायें ताकि उन बच्चों का पुनर्वासन कराया जा सके।
बैठक की सदस्य सचिव बाल विकास परियोजना अधिकारी सीमा निरंजन ने बताया कि ब्लाक की जितनी भी बेटियां मुख्यमंत्री कन्या सुमंगल योजना की पात्र हैं उनसे शत प्रतिशत आॅनलाइन आवेदन कराया जाये। आज की बैठक में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना से जुड़ी सदस्यों को शपथ दिलायी गयी। बैठक में 1098, 181 महिला हेल्पलाइन, वन स्टाप सेंटर, निराश्रित महिला पेंशन योजना तथा अन्य विभागीय समस्त योजनाओं के बारे में सामाजिक कार्यकर्ता वीर सिंह ने समिति के सदस्यों को विस्तार से जानकारी दी।
बैठक में नरेशचन्द्र द्विवेदी, सुरेश कुमार, पद्माकर, हर्षित गुप्ता, प्रमोद कुमार, प्रशांत कुमार दुबे तथा रवि वर्मा ने प्रतिभाग किया।

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