उरई। गिरोह बंदी अधिनियम के साढ़े सत्रह साल पुराने मामले में दोष सिद्ध करार दिये गये सात अभियुक्तों को विशेष न्यायाधीश ईसीएक्ट की अदालत ने 3-3 वर्ष के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। इनमें एक पिता-पुत्र भी शामिल हैं। 12 मार्च 2008 को कुल आठ अभियुक्तों के खिलाफ पुलिस ने गिरोह बंदी अधिनियम का केस कायम किया था। सुनवाई के दौरान इनमें से एक अभियुक्त की मौत हो गयी थी।
सजा पाने वाले अभियुक्तों में शामिल गैंग लीडर छोटू चतुर्वेदी निवासी कोंच के साथ उसके पिता विनोद चतुर्वेदी को भी कारावास दिया गया है। जबकि छोटू का भाई बीनू दौरान ए सुनवाई मृत हो चुका है। अन्य दोषी अभियुक्तों में नीलेश निवासी कोंच, रामलला निवासी फुलैला थाना कैलिया, जितेंद्र पिपरइया ग्राम अण्डा थाना कोंच, टीकाराम निवासी कोंच, उधम यादव निवासी बिरगुवां थाना कोंच सम्मिलित हैं। अभियुक्तों को पूर्व में हत्या के एक मामले में सजा सुनाई जा चुकी है जिसकी अपील हाईकोर्ट में लंबित है।






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