जेल से न्याय की बहार! अपर जज पारुल पंवार की मेहरबानी, 20+ गरीब कैदी जल्द रिहा, परिवारों में खुशी की लहर

उरई, 18 अक्टूबर 2025 (सू.वि.)– उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पारुल पंवार ने शनिवार  को जिला कारागार का साप्ताहिक भ्रमण किया। उन्होंने विभिन्न बैरकों का भ्रमण कर वहां निरूद्ध बन्दियों से पूछताछ करते हुए उनकी समस्याओं को जाना समझा तथा जेल प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस मौके पर जेल प्रशासन के अधिकारीगण मौजूद थे।

निरीक्षण में पारुल पंवार ने देखा  कि जिन बन्दियों की जमानत सक्षम न्यायालय से हो चुकी हैं किन्तु जमानतगीर न होने के कारण रिहा नहीं हो पा रहे हैं इसे संज्ञान में लेते हुए उन्होंने ऐसे बंदियों की सूची जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में प्रेषित किये जाने हेतु जेल प्रशासन को निर्देशित किया, जिससे कि उन बन्दियों के सम्बन्ध में प्रभावी पैरवी कर उन्हें शीघ्रता से कारागार से रिहा करवाया जा सके | साथ ही  जिन बन्दियों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं हैं उनकी जमानत राज्य की ओर से जिला अधिकार प्राप्त समिति के माध्यम से करवायी जा सके। कारागार चिकित्सालय में उपस्थित बन्दियों के सम्बन्ध में कारागार चिकित्साधिकारी से जानकारी ली । बन्दियों के मुकदमों की पैरवी, उनको दी जाने वाली विधिक सहायता/सलाह और महिला बन्दी व उनके साथ रह रहे बच्चों की चिकित्सा व खान-पान इत्यादि के बारे में जाना-परखा। उन्होंने बाल कारागार में निरुद्ध बन्दियों से अलग-अलग जानकारी ली एवं जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि कोई भी ऐसा बन्दी जिसका निजी अधिवक्ता न हो अथवा विधिवत् ढंग से न्यायालयों में पैरवी न हो पा रही हो, को विधिक सहायता दिलाये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें। यदि किसी विचाराधीन बन्दी को पैरवी हेतु सरकारी खर्चे पर अधिवक्ता की आवश्यकता हो तो सम्बन्धित न्यायालय में बन्दी की ओर से प्रार्थनापत्र दिलवाया जाना सुनिश्चित करें ताकि एमाइकस क्यूरी (न्यायमित्र) की सुविधा उपलब्ध हो सके। इसी प्रकार जो बन्दी दोषसिद्ध हो चुके हैं, की अपील न हो पाने की स्थिति में नियमानुसार जेल अपील करायी जाये। इसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से आवश्यक समन्वय बनाकर ऐसे प्रकरणों का निर्धारित समयावधि में निस्तारण किया जाये ताकि अपील की मियाद समाप्त न होने पाये। जेल अपील कराये जाने में यदि कोई विधिक समस्या आ रही है तो उसको जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संज्ञान में लाते हुये द्वारा उचित माध्यम माननीय उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति से यथा आवश्यक पत्राचार किया जाये। इस अवसर पर जेल अधीक्षक नीरज देव, कारापाल प्रदीप कुमार शुक्ला उपस्थित रहे।

उधर इस सन्दर्भ में  20+ कैदियों की लिस्ट आज शाम प्राधिकरण पहुंची।

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