उरई।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने तहसील कालपी सभागार में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना। जनपद की सभी तहसीलों में आयोजित समाधान दिवस के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 113 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 38 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
तहसीलवार शिकायतों का विवरण इस प्रकार रहा—
- तहसील उरई: 28 शिकायतें प्राप्त, 8 का निस्तारण
- तहसील कालपी: 49 शिकायतें प्राप्त, 17 का मौके पर निस्तारण
- तहसील माधौगढ़: 11 शिकायतें प्राप्त, 4 का निस्तारण
- तहसील कौंच: 15 शिकायतें प्राप्त, 5 का निस्तारण
- तहसील जालौन: 10 शिकायतें प्राप्त, 4 का निस्तारण
जिलाधिकारी ने चक रोड से संबंधित शिकायतों को विशेष गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए कि संबंधित विभागों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण करे और त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही निस्तारण का वास्तविक मानक होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि सम्पूर्ण समाधान दिवस शासन की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य आमजन को त्वरित न्याय और राहत प्रदान करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
समाधान दिवस में उपायुक्त उद्योग प्रभात यादव एवं अपर मुख्य अधिकारी/श्रम परिवर्तन अधिकारी जगदीश कुमार की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने दोनों अधिकारियों का एक दिन का वेतन काटने एवं स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने पुलिस से संबंधित मामलों में निष्पक्ष जांच एवं त्वरित कार्यवाही के निर्देश देते हुए कहा कि आमजन के साथ संवेदनशील व्यवहार एवं शीघ्र राहत सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप यादव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र भिटौरिया, उप जिलाधिकारी मनोज सिंह, थाना प्रभारी अवधेश सिंह, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।








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