उरई में न्यायिक छापा: वृद्धाश्रम और आश्रय गृह की जांच में खुली व्यवस्था की पोल

उरई (जालौन) – शनिवार को जिले के न्यायिक अधिकारियों ने उरई में संचालित दो प्रमुख आश्रय स्थलों का औचक निरीक्षण किया। राठ रोड स्थित वृद्धाश्रम और मु० लहरियापुरवा स्थित आश्रय गृह में अधिकारियों ने रहन-सहन, खानपान, स्वास्थ्य, चिकित्सा एवं सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं का विस्तार से जायजा लिया।

निरीक्षण में सामने आया कि राठ रोड वृद्धाश्रम में 119 संवासी समय पर भोजन प्राप्त कर रहे हैं और मेडिकल डिस्पेंसरी में सभी आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध हैं। अधिकारीयों ने कर्मचारियों से व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। यहां प्रबंधक सन्दीप सिंह अपनी दादी के निधन के कारण अनुपस्थित थे।

वहीं, मु० लहरियापुरवा स्थित आश्रय गृह में न्यायिक अधिकारियों ने प्रबंधक और सभी कर्मचारियों से सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। मेडिकल डिस्पेंसरी पूरी तरह व्यवस्थित पाई गई। आश्रय गृह में कोई नए आश्रित पंजीकृत नहीं थे, लेकिन एसडीआरएफ की टीम को यहां ठहराया गया था, जिसे लेकर जांच में थोड़ी चौंकाने वाली जानकारी भी सामने आई।

इस निरीक्षण में अपर जिला जज प्रथम सतीश चन्द्र द्विवेदी, अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पारुल पँवार और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक खरे शामिल रहे। अधिकारियों ने कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कहा कि संवासियों की सुरक्षा और सुविधाओं में कोई कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अधिकारियों ने आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की स्थिति पर संतोष व्यक्त किया, साथ ही संवासियों के हितों की निगरानी को और कड़ा करने का संदेश भी दिया।


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