7 दिन बाद होगी नोटिस सुनवाई, 13 दस्तावेज अनिवार्य—मतदाता सूची पर कड़ा पहरा
उरई।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR)-2026 के अंतर्गत द्वितीय चरण में दावे एवं आपत्तियों की अवधि तथा नोटिस सुनवाई की प्रक्रिया को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO), सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) एवं अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के प्रथम चरण में 04 नवम्बर से 26 दिसम्बर 2025 तक गणना प्रपत्रों का वितरण एवं डिजिटलीकरण, ASDD मतदाताओं का चिन्हीकरण तथा वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग का कार्य संपन्न कराया गया।
उन्होंने बताया कि द्वितीय चरण की अवधि 06 जनवरी से 06 मार्च 2026 तक निर्धारित है, जिसमें नॉन-मैप्ड मतदाताओं की नोटिस पर सुनवाई, ASDD मतदाताओं तथा ड्राफ्ट मतदाता सूची पर प्राप्त दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण एवं नये मतदाताओं का पंजीकरण किया जाएगा।
नोटिस सुनवाई की प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अनमैप्ड मतदाताओं को संबंधित ERO/AERO द्वारा नोटिस जारी की जाएगी, जिसमें सुनवाई की तिथि अंकित होगी। यह तिथि नोटिस जारी होने के न्यूनतम सात दिवस बाद निर्धारित की जाएगी।
सुनवाई के समय मतदाताओं को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 13 वैध दस्तावेजों में से किसी एक को ERO/AERO के समक्ष अथवा सुनवाई से पूर्व BLO के माध्यम से प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। प्रस्तुत दस्तावेजों का सत्यापन जिला निर्वाचन अधिकारी स्तर से कराया जाएगा, जिसके आधार पर मतदाता का नाम अंतिम मतदाता सूची में बनाए रखने अथवा हटाने का निर्णय लिया जाएगा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि लोक सेवक को गलत सूचना देना भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 217 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है, जिसमें कारावास का प्रावधान है। साथ ही निर्वाचक नामावली से संबंधित किसी भी प्रकार की गलत घोषणा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के अंतर्गत दंडनीय है, जिसमें कारावास, जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि सुनवाई के दौरान प्रस्तुत सभी दस्तावेजों का स्वतंत्र सत्यापन कराया जाएगा तथा जाली, झूठे अथवा भ्रामक पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने जन्म तिथि, जन्म स्थान एवं नागरिकता से संबंधित दस्तावेजों की श्रेणियों की जानकारी देते हुए बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आधार से संबंधित सत्यापन प्रक्रिया भी लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि ड्राफ्ट मतदाता सूची पर प्राप्त दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण संबंधित ERO/AERO द्वारा किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं का नाम अक्टूबर 2025 की मतदाता सूची में था, किंतु विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के प्रथम चरण में ASDD होने के कारण ड्राफ्ट रोल में शामिल नहीं हो पाया है, अथवा जिनके नाम में त्रुटि है, वे फार्म-6, फार्म-7 एवं फार्म-8 के माध्यम से संशोधन करा सकते हैं। फार्म-6 एवं फार्म-8 के साथ घोषणा पत्र भरना अनिवार्य होगा।
नये मतदाताओं के पंजीकरण के संबंध में जिलाधिकारी ने बताया कि भारत के वे नागरिक, जो 01 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं, अथवा 01 अप्रैल, 01 जुलाई एवं 01 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष पूर्ण करने वाले हैं, वे फार्म-6 के माध्यम से ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि 01 अप्रैल, 01 जुलाई एवं 01 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष पूर्ण करने वाले मतदाताओं का नाम SIR-2026 की अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं होगा, लेकिन आयु पूर्ण होने के बाद प्रकाशित होने वाली मतदाता सूची में उनका नाम जोड़ दिया जाएगा।
इस अवसर पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी संजय कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नेहा ब्याडवाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।







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