उरई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पुस्तकालय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के सार्वजनिक पुस्तकालयों के सुदृढ़ीकरण, संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा पठन संस्कृति के विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिए कि जीआईसी परिसर में स्थित जर्जर भवन का नियमानुसार ध्वस्तीकरण कराया जाए तथा उसी स्थान पर कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से एक आधुनिक मॉडल लाइब्रेरी का निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि यह लाइब्रेरी जनपद के युवाओं के लिए ज्ञान का प्रमुख केंद्र बनेगी।
📚 आधुनिक स्वरूप देने पर जोर
जिलाधिकारी ने राजकीय जिला पुस्तकालय की वार्षिक विकास योजना के निर्धारण एवं प्रभावी क्रियान्वयन पर बल देते हुए कहा कि पुस्तकालय को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाए। उन्होंने फर्नीचर, पुस्तकों एवं अन्य अनुपयोगी सामग्री के नियमानुसार निस्तारण तथा उपयोगी संसाधनों के पुनः उपयोग के निर्देश दिए।
💰 वित्तीय पारदर्शिता पर विशेष ध्यान
बैठक में वित्तीय समीक्षा के दौरान बताया गया कि गत वर्ष प्राप्त बजट का नियमानुसार व्यय किया गया है। जिलाधिकारी ने सभी व्ययों का पारदर्शी ऑडिट कराने एवं बैंक खाते की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
📖 पाठकों के लिए बढ़ेगी सामग्री
प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों, संदर्भ ग्रंथों एवं समसामयिक साहित्य की उपलब्धता बढ़ाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने तथा अन्य स्रोतों से संसाधन जुटाने पर बल दिया गया। साथ ही CSR के अंतर्गत फर्नीचर, सोलर पैनल एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
🏛️ सामाजिक व बौद्धिक केंद्र बनेगा पुस्तकालय
बैठक में निर्णय लिया गया कि राजकीय जिला पुस्तकालय को एक सक्रिय सामाजिक एवं बौद्धिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां विद्यार्थियों, प्रतियोगी अभ्यर्थियों एवं आम नागरिकों को अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण मिल सके।
साथ ही जनपद के सभी अधिकृत सार्वजनिक पुस्तकालयों के निरीक्षण, आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही एवं पठन अभिरुचि बढ़ाने के लिए विशेष योजनाएं तैयार करने पर भी सहमति बनी।
👥 बैठक में रहे उपस्थित
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी निशांत पांडे,
जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार पंडित,
जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद
सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
📝 डीएम का संदेश
जिलाधिकारी ने कहा कि—
“पुस्तकालय केवल पुस्तकों का भंडार नहीं, बल्कि समाज के बौद्धिक विकास का केंद्र होना चाहिए। जनपद में पुस्तकालय व्यवस्था को नई पहचान दिलाई जाएगी।”






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