उरई (जालौन)।
उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के तहत जनपद जालौन में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत प्रदान की गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बाढ़ एवं अतिवृष्टि से हुई फसल क्षति के आकलन हेतु प्रशासन द्वारा व्यापक सर्वेक्षण कराया गया, जिसके आधार पर पात्र किसानों को मुआवजा वितरित किया गया।
जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार बाढ़ से 3,794.95 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल क्षति दर्ज की गई, जिसके अंतर्गत 7,684 किसानों को कुल 3,35,33,625 रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। वहीं अतिवृष्टि से 789.48 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ, जिसमें 703 किसानों को 68,62,958 रुपये की आर्थिक सहायता दी गई।
इस प्रकार कुल 8,387 किसानों को 4,03,96,583 रुपये की धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की गई, जिससे प्रभावित किसानों को बड़ी राहत मिली है।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के अनुपालन में पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से राहत राशि का वितरण सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह आर्थिक सहायता किसानों को पुनः खेती शुरू करने में महत्वपूर्ण संबल प्रदान करेगी।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि भविष्य में भी किसी प्रकार की फसल क्षति होने पर तत्काल सर्वेक्षण कर पात्र किसानों को समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। इस कार्य के लिए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
उन्होंने किसानों से अपील की है कि किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।







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