0 कानपुर से जुड़े है बीफ सप्लाई के तार
उरई। कदौरा क्षेत्र में सामूहिक गौकशी के चर्चित मामले में दो और गिरफ्तारियां हुई हैं। आरोपी पिता, पुत्र हैं। उनके मुताबिक उन्हें एक गाय काटने के एवज में डेढ़ हजार रुपये मिलते थे।
गत् 22 जनवरी को कदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम मवई अहीर और मोहारी के बीच के जंगल में कंजर नाले के किनारे एक खेत में 48 सिर कटे गौवंश के अवशेष मिले थे। जिससे हिंदू संगठन आंदोलित हो गये थे। पुलिस और प्रशासन को तनाव नियंत्रण में रखने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी थी। उन्होंने गौकशी के मुख्य सरगना के रूप में कालपी थाना क्षेत्र के गुलौली निवासी वहीद का नाम लिया है। पुलिस अधीक्षक एन. कोलांची ने बताया कि वहीद की तलाश की जा रही है।
एसपी ने बताया कि आज इस मामले में मोहारी निवासी रियाजुददीन और रियासुददीन को गिरफ्तार किया गया है। जिनको रासुका में निरुद्ध किया जायेगा। इन दोनों के मुताबिक वहीद और उसके आधा दर्जन अन्य साथी अन्ना घूमने वाली गायों को हांककर उनके पास लाते थे और काटने के लिए उनके सुपुर्द कर देते थे। पिता, पुत्र ने बताया कि आमतौर पर एक दिन में वे दो-तीन गायें ही काटते थे लेकिन घटना के दिन उन्होंने पहली बार इतनी बड़ी संख्या में गौवंश काटे जिनका मांस एक ट्रक में लोड करके ले जाया गया था। उसने कहा कि बीफ की आपूर्ति के तार कानपुर से जुड़े हुए हैं। लेकिन दोनों को वहीद के अन्य साथियों और कानपुर के बीफ सप्लायर के नाम मालूम नही हैं।
पांच पहले हो चुके हैं गिरफ्तार
गौरतलब है कि पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को पहले ही गिरफ्तार करने का दावा किया था। जिन्हें जेल भेजा जा चुका है। इनमें हकीम बेग, राशिद, सगीर बेग, वसीम खांन निवासीगण गुलौली और इसरार खान निवासी धनियां थाना देवराहट जनपद कानपुर देहात शामिल हैं।
पहले से पिता-पुत्र का है क्रिमिनल रिकार्ड
आज गिरफ्तार किये गये पिता-पुत्र का लंबा चैड़ा क्रिमिनल रिकार्ड है। रियाजुददीन के खिलाफ 9 मुकदमें दर्ज हैं। जिनमें पांच गौवध निवारण अधिनियम के हैं। इसी तरह रियासुददीन पर पांच मुकदमे दर्ज हैं जिनमें तीन गौवध निवारण अधिनियम और एक पुलिस मुठभेड़ का है।







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