0 प्रमुख सचिव परिवहन के सामने होगें कई सवाल
31orai07उरई। यूपी रोडवेज एम्प्लायज यूनियन की उरई डिपो शाखा के तत्वावधान में सोमवार को स्व. महेंद्र सिंह निरंजन निर्वाण दिवस एवं परिवहन विकास सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। जिसमें प्रदेश के प्रमुख सचिव परिवहन कुमार अरविंद सिंह देव मुख्य अतिथि होगें। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिलाधिकारी रामगणेश उपस्थित रहेंगे। अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष पं. रामजी त्रिपाठी द्वारा की जायेगी जबकि रोडवेज एम्प्लायज यूनियन के तेज बहादुर शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में सम्मेलन में रोडवेज को मजबूत करने के लिए यूनियन के सुझावों को प्रभावशाली ढंग से प्रमुख सचिव के सामने रखेंगे।
उरई डिपो शाखा के अध्यक्ष रियाजुल हक ने बताया कि कार्यक्रम राहिया स्थित परिवहन निगम डिपो परिसर में दोपहर 12 बजे से शुरू होगा जिसके लिए जोरदार तैयारियां की गई हैं। उधर पहली बार जिले में आ रहे प्रमुख सचिव परिवहन के सामने यूनियन की ओर से स्थानीय समस्याओं को लेकर मांगों का एक बड़ा पुलिंदा तैयार किया गया है।
सूत्रों ने बताया है कि यूनियन के नेताओं से पहले ही हो चुक संवाद में प्रमुख सचिव परिवहन जालौन कस्बे में नये बस स्टैंड के निर्माण के लिए सहमत हो गये हैं और कल के कार्यक्रम में वे कोंच चैराहे के पास चिन्हित भूमि पर इसकी स्थापना की घोषणा भी कर सकते हैं। गौरतलब है कि प्रदेश भर में रोडवेज किराये के अलावा प्रत्येक यात्री से यात्री सुविधा शुल्क भी वसूलता है जिसका लगभग 9 सौ करोड़ रुपये का फंड परिवहन निगम के पास जमा हो गया है। इस फंड से रोडवेज ने प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आलमबाग डिपो बस स्टेशन सहित कई आलीशान बस स्टेशन बनवाये हैं। लेकिन जालौन जिले में निगम की नजरे इनायत कभी नही हुईं। जबकि झांसी से कानपुर देहात के पहले तक उरई बस स्टैंड को छोड़कर रोडवेज का कोई बस स्टैंड नही है। उरई बस स्टैंड भी नगर पालिका की किराये की जमीन पर चल रहा है। जिसका प्रतीकात्मक किराया मिलने के कारण नगर पालिका स्टैंड का बेहतर रखरखाव नही करती।
दूसरी ओर उरई डिपों की बसों के लिए टूरिस्ट परमिट की बसें अभिशाप बन गई हैं। जिनकी संख्या अब 91 तक पहुंच गई है। इन बसों की धींगा मुस्ती का आलम यह है कि इन्होंने सीना जोरी करके रोडवेज के कालपी रोड बस अडडे के सामने अपना स्टेशन बना लिया है जहां इनके बुकिंग सेंटर भी हैं। जबकि रोडवेज बस अडडे के सामने निजी बस अडडा नही होना चाहिए। इन बसों को एक जगह से गंतव्य तक के लिए यात्रियों का पैकेज उठाने की अनुमति होती है पर इसके विरुद्ध इन बसों द्वारा जगह-जगह फुटकर सवारियां उठाई जाती हैं। यहां तक कि टूरिस्ट बसों का स्टाॅफ रोडवेज के भीतर से जबरन सवारी खींच लाता है और रोडवेज स्टाॅफ शिकायत करे तो उसकी कोई सुनवाई नही होती। टूरिस्ट बसों से लगेज के रूप में प्रतिबंधित गुटखा की झल्लियां, तस्करी की शराब और यहां तक कि अतिसंवेदनशील मादक पदार्थ भी लाये जाते हैं। क्योंकि पुलिस कभी इन बसों के अंदर चैकिंग नही करती। प्रमुख सचिव परिवहन अपने विभाग के हितों की रक्षा के लिए टूरिस्ट परमिट की बसों पर अंकुश लगाने के बारे में कल कोई कदम उठायेंगे या यह जतायेंगे कि वे भी कुछ कारणों से इन बस मालिकों की जबर्दस्ती का लिहाज करने को मजबूर हैं यह भी कल उजागर हो जायेगा।

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