0 कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के दौरान घटना
0 अचानक एडीएम से मिलने पहुंचे थे ईओ
0 जान बचाना हुआ मुश्किल
10orai03उरई। लहरियापुरवा मलिन बस्ती से नगर पालिका की कार्रवाई में उजड़े परिवारों की गुस्साई महिलाओं ने कलैक्ट्रेट में बुधवार को अधिशाषी अधिकारी रविंद्र कुमार को उनके वाहन से नीचे घसीट लिया और उनके साथ धक्का-मुक्की की। महिलाओं का रौद्र रूप देखकर ईओ ने जैसे-तैसे उनके चंगुल से खुद को छुड़ाया और जान बचाने के लिए एडीएम कार्यालय के भीतर भागकर पहुंच गये।
लहरियापुरवा में आसरा योजना के तहत गरीबों के लिए आशियाने बनाये जाने हैं। ईओ रविंद्र कुमार का कहना है कि इसके लिए नजूल की जमीन से मंगलवार को अतिक्रमण हटवाने की कार्रवाई की गई थी। दूसरी ओर पीड़ित महिलाओं का कहना था कि नगर पालिका ने बिना नोटिस दिये चढ़ाई करने के अंदाज में उनके घरों में गैंग उतार दी और जेसीबी मशीन से अंधाधंुध तोड़फोड़ शुरू कर दी। इससे रोज खाने-कमाने वाले पीड़ित परिवार तबाह होकर सड़क पर आ गये हैं। महिलाएं आज जिलाधिकारी को इस अमानवीय कार्रवाई के खिलाफ ज्ञापन देने कलेक्ट्रेट पहुंची थी। इसी दौरान रविंद्र कुमार अपनी बदकिस्मती से सरकारी अंबेसडर लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में आ गये। उन्हें देखते ही महिलाएं भड़क उठी और उन्होंने दौड़कर कार का दरवाजा खोला। इसके बाद ईओ को कालर पकड़कर भीतर से निकाल लिया। बाहर उन पर लात-घूसों की बरसात शुरू कर दी गई। बिलबिलाए ईओ ने जैसे-तैसे अपने को छुड़ाया और दौड़कर एडीएम के कार्यालय में घुस गये।
इसके पहले महिलाओं ने आज पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी से उनके आवास पर बात की। महिलाओं की तकलीफ सुनकर अनुरागी ने तत्काल अपर जिलाधिकारी आनंद कुमार को उनके रहने की वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए फोन पर निर्देशित किया। महिलाएं स्टेशन रोड स्थित सदर विधायक दयाशंकर वर्मा से भी उनके आवास पर मिली। सदर विधायक ने उनसे कहा कि वे इस तरह अंधाधुंध उन्हें उजाड़ने की कार्रवाई के खिलाफ हैं। आप लोग जिस तरह से भी विरोध करेंगी उनका समर्थन साथ रहेंगा।

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