29orai01उरई। सोमेंद्र सिंह कुक्कू का अंतिम संस्कार सोमवार को उनके आवास के समीप बने पैतृक समाधि स्थल पर कर दिया गया। उन्हें जब उनके इकलौते पुत्र ने मुखाग्नि दी तो माहौल इतना मार्मिक हो गया कि उपस्थित भीड़ में हर किसी की आंखें बह निकली।
सोमेंद्र सिंह कुक्कू ग्वालियर की दिवंगत राजमाता विजयाराजे सिंधिया के भतीजे थे। मिलनसार स्वभाव और सहयोगी भावना की वजह से शहर में उनकी अपनी भी एक अलग पहचान थी। सभी वर्गों में उनके दोस्त थे और अपने दोस्तों की महफिल में उन्हें यारों के यार की पहचान से नवाजा जाता था।
कुक्कू कुछ वर्षों से गंभीर बीमारियों की चपेट में आ गये थे। उनका गुर्दा खराब हो जाने से बेटे ने प्रत्यारोपण के लिए उन्हें अपना गुर्दा दिया था। इसके बाद उम्मीद बंधी थी कि वे अब स्वस्थ हो जायेंगे लेकिन कुछ महीने पहले उन्हें कैंसर की चपेट में पाया गया। इसके बाद उनका स्वास्थ्य बिगड़ता ही चला गया।
उनके अंतिम संस्कार में साहित्यकार अयोध्या प्रसाद कुमुद, डीवी काॅलेज के सेवानिवृत्त प्रो. रामभरोसे सिंह, पूर्व विधायक संतराम सिंह सेंगर, कर्मचारी शिक्षक मोर्चा के अध्यक्ष लाल सिंह चैहान, कोंच के पूर्व ब्लाॅक प्रमुख उमाशंकर निरंजन, वरिष्ठ भाजपा नेता गौरी शंकर वर्मा, बृजभूषण सिंह मुन्नू, इप्टा के उपाध्यक्ष देवेंद्र शुक्ला, पत्रकार अनिल शर्मा, गोहन डिग्री काॅलेज के प्राचार्य डाॅ राकेश द्विवेदी, समाजसेवी देवेंद्र त्रिपाठी नाती आदि बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। उनकी बुआ और भाजपा की राष्ट्रीय नेता माया सिंह भी अंतिम विदाई के समय उनके आवास पर पहुंच गई थीं।

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