उरई। लगभग छह महीने पहले मैनपुरी जिले में अपने दोस्त की शादी में शामिल होने गये कुठौंद थाने के शंकरपुर निवासी किशन कुमार लापता हैं। किशन कुमार राजस्थान में एक प्राइवेट कंपनी में कार्यकर्ता थे। उनकी पत्नी ने राजस्थान और मैनपुरी पुलिस को इस बारे में सूचना दी लेकिन संवेदनहीनता के कारण पुलिस ने उनके पति को खोजने में कोई मदद नही की। आज किशन कुमार की पत्नी यहां पुलिस अधीक्षक से मिली तो उन्होंने किशन कुमार की पत्नी अंजली की पूरी बात ध्यान से सुनी और इसके बाद राजस्थान के भिवाड़ी के एसपी और मैनपुरी के एसएसपी से बात की। साथ ही लिखित तौर पर भी दोनों जगह पुलिस को अनुरोध पत्र लिखकर भिजवाने का आश्वासन अंजली को दिया।
शंकरपुर निवासी किशन कुमार भिवाड़ी राजस्थान में एक प्राइवेट कंपनी में जाॅब करने चले गये थे। गत् 1 दिसंबर 2015 को वे मैनपुरी जिले के औंछा थाना अंतर्गत ग्राम महलोई में अपने मित्र दिनेश कुमार कठेरिया के यहां शादी में गये थे और वहीं से लापता हो गये थे। उस समय अंजली अपने मायके में थी। जब उन्हें अपने पति के गायब होने का पता चला तो उन्होंने मैनपुरी में पुलिस के सामने गुहार की और उनके साथ अनहोनी की आशंका प्रकट की लेकिन मैनपुरी पुलिस ने उनके प्रति कोई दया नही दिखाई। उन्हें दो टूक शब्दों में राजस्थान जाने को कहा वहां भी उनको पुलिस के सामने काफी मशक्कत करनी पड़ी।
इसके बाद पुलिस ने जैसे तैसे मुकदमा तो लिख लिया लेकिन भिवाड़ी की पुलिस ने भी किशन कुमार का पता लगाने में कोई संजीदगी नही बरती। उधर व्यथित अंजली पति का सुराग न मिलने से बदहवास हालत में पहुंच गई है। आज उसने किशन कुमार के परिजनों के कहने पर पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार से मुलाकात की। घटना स्थल का जिले से कोई संबंध न होने के बावजूद बबलू कुमार ने इस मामले में जिस तरह की तत्परता दिखाई उससे अंजली द्रवित हो चुकी। बबलू कुमार ने मानवीय आधार पर उसके पति का पता लगाने में हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने भिवाड़ी और मैनपुरी दोनों जिलों के अपने समकक्षों से उसे लेकर वार्ता की। इसके बाद अपने स्टेनों को भी दोनों जिलों के पुलिस प्रमुखों के लिए अनुरोध पत्र का डिक्टेशन लेने को कहा।







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