उरई। जालौन जिले में हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद जारी है अवैध खनन। प्रदेश की सबसे बड़ी अदालत और ग्रीन ट्रिब्यूनल के फैसले माफियाओं की धींगामुस्ती के आगें बेकाम। टीकर घाट पर वीडियो शूट ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के दावों की खोली पोल। नंगी हकीकत सामने आने से सन्न रह गया प्रशासन। जिलाधिकारी संदीप कौर ने कहा कि होगी कड़ी कार्रवाई।
रिपोर्टर अखिलेश कुमार सिंह ने जान पर खेलकर असलहाधारियों की देखरेख में टीकर घाट पर हो रहे अवैध खनन को होशियारी से किया शूट। माफिया के गुर्गे जान भी नही पाये कि कोई पत्रकार उनकी कारगुजारी कैमरे में शूट कर रहा है। इतना ही नही अखिलेश कुमार सिंह ने गुर्गोें से कैमरे के सामने उन्हीं के मुंह से उगलवाई सच्चाई। पहली बार अवैध खनन का इतना उजागर नजारा हुआ शूट।
टीकर में अवैध खनन नही ही हो रहा बल्कि बेतवा की धारा को रोककर बनाये गये पुल के जरिये ग्रीन ट्रिब्यूनल की चैकसी को भी बताई जा रही धता। एक ओर कागजी रोक की वजह से राॅयल्टी भी वसूल नही की जा रही दूसरी ओर बेतहाशा अवैध खनन के लिए दर्जनों जेसीबी मशीन, पोकलैंड और लिफ्टर घाट पर कर रहे हैं काम। तट की सारी बालू कर चुके हैं खत्म इसके बाद नदी का सीना चीर कर निकाली जा रही बालू के चलते हो गये हैं गहरे-गहरे गडढे जिनमें डूबकर बच्चों, लोगों और मवेशियों को गंवानी पड़ रही है जान। बालू खत्म होने से नदी का अस्तित्व मिटने की कगार पर पहुंच रहा है। माफियाओं की हिम्मत देखिये उन्हें न कानून का खौफ है और न हाईकोर्ट का तभी तो उन्होंने घाट पर खुलेआम यह बोर्ड भी लगा रखा है कि खनन जारी है और रेट भी इसमें दर्ज कर रखा है। डीएम ने एसडीएम, खनिज अधिकारी और पुलिस को घाटों की चैकिंग करते रहने का दिया था आदेश लेकिन किसी पर नही हुआ असर। वीडियो शूट देखने के बाद जिलाधिकारी संदीप कौर ने जताया गुस्सा। बोलीं अभी उन्होंने कुछ और जगह अवैध खनन की शिकायत पर उन्हें बंद कराया है। टीकर घाट पर भी तुरंत होगी कार्रवाई। वे अधिकारी भी नही बख्शे जायेंगे जिनकी ढील के कारण चल रहा है अवैध खनन।





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