उरई। माधौगढ़ विधानसभा क्षेत्र में अपने आप में महारथी माने जाने वाले नेताओं की दावेदारी चुनावी समीकरणों को झकझोरने वाली है। इस क्षेत्र में भाजपा की उम्मीदवारी के मामले में सबसे महत्वाकांक्षी उम्मीदवार क्षत्रिय बिरादरी से थे लेकिन पार्टी नेतृत्व ने इस बार यह सीट मूलचंद निरंजन को थमा दी। मुख्य धारा के किसी अन्य दल ने भी इस बिरादरी का उम्मीदवार खड़ा नही किया है। इस कारण क्षत्रिय बिरादरी छटपटाई हुई है और इसके चलते रविंद्र सिंह मुन्ना जैसे व्यक्तिगत जनाधार वाले नेता महान दल के बैनर पर चुनाव लड़ने के लिए कमर कसकर तैयार हैं। दूसरी ओर पूर्व विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने भी पर्चा भरने का इरादा जता दिया है। यह दोनों नेता खुद कामयाब भले ही न हो पाये लेकिन भारतीय जनता पार्टी को इनकी उम्मीदवारी से भारी नुकसान की आशंका है जिसके कारण भारतीय जनता पार्टी के रणनीतिकार इन्हें मनाने में जुट गये हैं।
उम्मीदवारों के नाम सामने आने तक माधौगढ़ विधानसभा क्षेत्र में क्षत्रिय और ब्राहमण समाज के कार्यकर्ता सबसे ज्यादा भाजपा के लिए मर मिटने की कसम खा रहे थे लेकिन मूलचंद निरंजन के नाम की घोषणा होते ही मंजर एकदम बदल गया। क्षत्रिय समाज की बौखलाहट भरी प्रतिक्रिया के चलते ही रविंद्र सिंह मुन्ना और बृजेंद्र प्रताप सिंह जैसे जाने पहचाने चेहरों को अपनी दम पर जोर आजमाइश करने की प्रेरणा मिल रही है। दूसरी ओर कांग्रेस सपा गठबंधन से ब्राहमण समाज के जिले के सबसे कददावर नेता पूर्व विधायक विनोद चतुर्वेदी उम्मीदवार हो गये हैं। जबकि बसपा ने भी ब्राहमण समाज के गिरीश अवस्थी को उम्मीदवार बना दिया है। माधौगढ़ विधानसभा क्षेत्र की संरचना में अगर प्रत्याशी बसपा के परंपरागत वोटों के अलावा 25 प्रतिशत वोट भी अपनी बिरादरी के खींच लेता है तो उसके जीतने की संभावना बन जाती है। इसके मददेनजर गिरीश अवस्थी भी ब्राहमणों की बड़ी तादाद को अपनी ओर आकर्षित करने में सफल हो रहे हैं। इन समीकरणों ने भाजपा उम्मीदवार के आधार को खोखला करने की स्थितियां पैदा कर दी हैं। भाजपा के लिए मुश्किल यह है कि जिले में पार्टी में बाबूराम एमकाम जैसा सरपरस्त और चाणक्य बुद्धि का कोई महारथी भी इस दौर में नही है। जो पार्टी उम्मीदवार की मुश्किलों का नायाब तोड़ ढूढ़कर बाजी पलटने का विश्वास दिला सकता।
हालांकि मूलचंद निरंजन के पक्ष में भी एक मजबूत तथ्य है कि उनकी बिरादरी पूरी तरह उनके साथ लामबंद हो चुकी है। 1952, 1957 और 1962 के विधानसभा चुनावों में कोंच सीट के माध्यम् से जिले में कुर्मी बिरादरी का एक विधायक निर्वाचित होना तय रहा था लेकिन इसके बाद जब कोंच सीट को सुरक्षित घोषित कर दिया गया तो जिले में इस बिरादरी को प्रदेश की विधानसभा में प्रतिनिधित्व से जैसे हमेशा के लिए महरूम हो जाना पड़ा। इस बीच 2012 के विधानसभा चुनाव में कोंच सीट का अस्तित्व ही समाप्त कर दिया गया जिससे यह सीट कभी सामान्य होने पर फिर बिरादरी का जलजला बहाल होने की जो उम्मीद कुर्मी समाज ने संजो रखी थी उस पर विराम लग गया।
राजनीति के नेपथ्य में पहुंचकर कुर्मी समाज संज्ञा शून्य जैसी हालत में था लेकिन रमा निरंजन के एमएलसी होने और इसके बाद सुमन निरंजन के जिला पंचायत अध्यक्ष चुने जाने से इस बिरादरी में नये आत्मबल का संचार हुआ है। इसलिए यह बिरादरी विधानसभा चुनाव में भी कामयाबी का सिक्का चलाने के लिए इस बार एकजुट है। जिसका पूरा फायदा मूलचंद निरंजन को मिल रहा है। दूसरे लोग भले ही माधौगढ़ क्षेत्र में कुर्मी वोटरों की संख्या नगण्य मानते हों लेकिन कुर्मी बिरादरी के लोगों का गणित दूसरा है। 2012 के चुनाव में माधौगढ़ क्षेत्र में जहां बसपा ने सफलता प्राप्त की थी वहीं दूसरा स्थान सपा के केशवेंद्र सिंह को मिला था। कुर्मी बिरादरी के लोगों को कहना है कि जब इस चुनाव में क्षत्रिय समाज का अधिकतम वोट भाजपा उम्मीदवार संतराम सिंह की झोली में जा गिरा था तो केशवेंद्र सिंह को प्राप्त मतों की संख्या उनसे ज्यादा कैसे हो गई थी। गौरतलब है कि 2012 के इलेक्शन में बसपा के संतराम कुशवाहा को 71671, सपा के केशवेंद्र सिंह को 50319 और भाजपा के संतराम सिंह को 45867 मत मिले थे। कुर्मी समाज के प्रवक्ताओं का दावा है कि केशवेंद्र सिंह के वोटों की इतनी तादाद कुर्मी समाज के द्वारा एक मुश्त उनको समर्थन देने से संभव हुई थी। इसलिए उनकी निगाह में चुनौतीपूर्ण स्थितियों के बावजूद मूलचंद निरंजन का पलड़ा भारी माना जा रहा है। दूसरी ओर राष्ट्रवादी प्रतिबद्धता को भूलकर सवर्ण वोटरों का भाजपा से छिटकना अन्य पिछड़ी जातियों में भी प्रतिक्रिया उत्पन्न कर रहा है। जिससे ओबीसी की अधिकांश जातियां अपने आप मूलचंद निरंजन के समर्थन में इकटठा होने लगी हैं।
इस तरह सभी खेमों के अपने-अपने आंकलन हैं। जिनमें सही कौन सा है इसका प्रमाणीकरण तो मतगणना के दिन ही हो सकेगा लेकिन माधौगढ़ क्षेत्र में चुनावी मुकाबले का मंजर सबसे संगीन और दिलचस्प नजर आ रहा है इसमें कोई संदेह नही है।






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