जालौन-उरई। तहसील क्षेत्र के 2 लाख 1 हजार 360 मतदाता 19 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। जिसमें क्षेत्र का सबसे ज्यादा मतदाता कालपी विधानसभा में होने से क्षेत्र के प्रत्याशी से ज्यादा विकास की उम्मीदें हैं। हालांकि सर्वांगीण विकास के लिए क्षेत्र को दो विधायक मिलने से जनता को अधिक विकास की उम्मीद है।
तहसील क्षेत्र के 180 राजस्व गांवा को दो भागों में परिसीमन के दौरान विभाजित कर नगर तथा क्षेत्र को दो विधायक मिल जाने से यहां की जनता को दोनों ओर से विकास की उम्मीदें हैं। बाताते चलें कि तहसील क्षेत्र को उरई जालौन तथा कालपी विधान सभा में विभाजित किया गया। जिसमें कालपी विधान सभा में इस क्षेत्र के सर्वाधिक मतदाता 1 लाख 15 हजार 123 हैं। तो वहीं, उरई जालौन विधानसभा क्षेत्र में 86 हजार 237 मतदाता हैं। जो दोनों विधानसभा के 19 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। कालपी विधानसभा के 144 बूथ इस क्षेत्र में बने हैं जबकि उरई जालौन विधानसभा में मात्र 95 बूथ ही हैं। इसी प्रकार उरई जालौन को 2 जोन तथा 9 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। जबकि कालपी विधान सभा को 3 जोन तथा 19 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। कालपी विधानसभा में अतिसंवेदनशील बूथों की सर्वाधिक संख्या 42, बनरेविल बूथ 6, क्रिटिकल बूथ 13 तथा संवेदनशील बूथ 38 चिन्हित किए गए हैं। इसके अलावा आदर्श बूथ के रूप में 17 बूथ चिन्हित किए गए हैं। इसी प्रकार उरई जालौन विधान सभा में अतिसंवेदनशील बूथों की संख्या 10, बनरेविल बूथ 7, क्रिटिकल बूथ 10 तथा संवेदनशील बूथ 17 तथा 13 आदर्श बूथ चिन्हित किए गए हैं। उपजिलाधिकारी शीतला प्रसाद यादव ने बताया कि उक्त चिन्हित अतिसंवेदनशील, बनरेविल, क्रिटिकल तथा संवेदनशील बूथों पर पैनी नजर रखी जाएगी। इतना ही नहीं प्रशासन द्वारा दौरा कर उक्त सभी गांवों में कड़ी हिदायतें दी जा चुकी है। फ्लैग मार्च व पाबंद करने का कार्य भी हो चुका है।

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