जालौन-उरई । निकाय चुनाव के दौरान सेवानिवृत हो रहे अधिशाषी अधिकारी महेश चंद्र उपाध्याय ने मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए चोरी छिपे नगर पालिका की तेरह दुकानों को मोटी डील करने नीलाम कर डाला। दुकानों की नीलामी के लिए जमानत धनराशि जमा करने वाले दुकानदारों ने इस फर्जीवाड़े के दोषी अधिशाषी अधिकारी एवं कर्मचारियों की जांच कराकर दंडित करने और नीलामी निरस्त करने की मांग की है।
नगर पालिका परिषद जालौन के अधिशाषी अधिकारी महेश चंद्र उपाध्याय 30 नवम्बर को सेवानिवृत हो गये है। चूंकि अक्टूबर माह में ही निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी गई थी। लिहाजा अधिसूचना जारी होने के बाद किसी तरह की नीलामी यहा टेंडर आदि तरह के कामों पर स्वतः ही रोक लग जाती है और आयोग की आचार संहिता भी लागू हो जाती है। लेकिन सेवानिवृत हो रहे अधिशाषी अधिकारी महेश चंद्र उपाध्याय ने किसी की परवाह नही की और लेखाकार अनिल के साथ मिलकर तेरह दुकानों की नीलामी के फर्जीवाड़े को अंजाम दे डाला। जिलाधिकारी जालौन को दिए गए प्रार्थना पत्र में लोकेन्द्र कुमार पुत्र सत्यनारायण निवासी मोहल्ला तोपखाना जालौन, मनोज कुमार पुत्र प्रहलाद सिंह निवासी मोहल्ला चुर्खीवाल जालौन ने बताया कि नगर पालिका परिषद जालौन के द्वारा नवनिर्मित तेरह दुकानों की सार्वजनिक नीलामी हेतु 12 अक्टूबर 17 को दो-दो लाख रुपये नीलामी धनराशि नगद जमा कर बोली लगाने हेतु पालिका परिषद द्वारा पहले 12 अक्टूबर 17 फिर 19 अक्टूबर 17 और 27 अक्टूबर 17 को नीलामी तिथि तय की गई थी और जब निर्धारित तिथि पर दुकानों की नीलाली के लिए वह बोली लगाने नगर पालिका परिषद पहुंचे तो अधिशाषी अधिकारी महेश चंद्र उपाध्याय एवं लेखाकार अनिल कुशवाहा तथा अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों के द्वारा बताया गया कि निकाय चुनाव की प्रक्रिया चलने के कारण अब दुकानों की नीलामी चुनाव बाद ही की जाएगी। जिससे वह चुनाव बाद का इंतजार करने लगे। लेकिन अधिशाषी अधिकारी महेश चंद्र उपाध्याय जो कि 30 नवम्बर 17 को सेवानिवृत हो रहे थे उन्होंने कुछ लोगों से मोटी डील करके गुपचुप तरीके से दुकानों की नीलामी कर दी। दुकानों की नीलामी की फर्जीवाडे़ की शिकायत उपजिलाधिकारी जालौन भैरपाल सिंह से भी की लेकिन उन्होंने कोई संज्ञान नही लिया। जबकि दुकानों की नीलामी के लिए उनकी जमानत धनराशि अभी भी पालिका में जमा है। नीलामी की जानकारी जमानत राशि जमा करने वाले लोगों को नही दी। उन्होंने जिलाधिकारी का ध्यान इस ओर आकृष्ट करते हुए पालिका की नवनिर्मित तेरह दुकानों का अवैध आवंटन तत्काल निरस्त कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिशाषी अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
नियम विरूद्ध होने पर निरस्त होगी नीलामी
नगर पालिका परिषद जालौन के अध्यक्ष गिरीश गुप्ता ने निकाय चुनाव के दौरान चोरी छिपे नगर पालिका की 13 दुकानों की नीलामी के फर्जीवाड़े को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया है कि अगर निकाय चुनाव के दौरान दुकानों की नीलामी में मानकों की अनदेखी की गई है और बोलीदाताओं को नीलामी में भाग लेने से रोका गया है तो यह गंभीर मामला है और नियम विरूद्ध दुकानों की नीलामी की गई है तो उन्हें निरस्त कर दिया जाएगा।







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