उरई। रामपुरा कस्बे के राजेंद्र नगर मोहल्ले में तीन महीने से ठप्प पड़ी जलापूर्ति ने अब जनाक्रोश का रूप ले लिया है। बूंद-बूंद को तरस रहे लोग जल संस्थान की लापरवाही और भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ सड़कों पर उतरने को मजबूर हो गए हैं। विभागीय अधिकारी सिर्फ आश्वासन देकर जनता को गुमराह कर रहे हैं, जबकि हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं।
टीहर बस स्टैंड के पास बसे इस मोहल्ले में सौ से अधिक परिवार गंभीर जल संकट से जूझ रहे हैं। सुबह से लेकर शाम तक महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे पानी की तलाश में भटकते नजर आते हैं। स्थानीय निवासी सेवा निवृत्त प्रधानाचार्य शैलेन्द्र मिश्र ने बताया कि समर सिंह इंटर कॉलेज में लगे ट्यूबवेल का बोर खराब होने के बाद उसे ठीक तो कराया गया, लेकिन कमीशनखोरी के चलते ठेकेदार का भुगतान रोक दिया गया। नतीजा यह हुआ कि काम अधूरा छोड़ दिया गया और जनता को संकट में झोंक दिया गया।
लोगों का कहना है कि जल संस्थान और ठेकेदार की आपसी खींचतान में आम नागरिकों को बंधक बना लिया गया है। बार-बार शिकायतों के बावजूद जेई और विभागीय अफसरों ने आंखें मूंद रखी हैं।
अब मोहल्लेवासियों का सब्र जवाब देने लगा है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र जलापूर्ति बहाल नहीं हुई तो वे जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने और व्यापक आंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगे।
पीड़ित नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए, बकाया भुगतान तुरंत कराया जाए और स्थायी समाधान निकालकर जलापूर्ति सुचारु की जाए। साथ ही उन्होंने साफ कहा है कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, कार्रवाई चाहिए।






Leave a comment