0 कोर्ट में हाजिर हुये दोनों आरोपियों का मिला पुलिस कस्टडी रिमांड
0 सशर्त मिले रिमांड में ज्यादा कुछ नहीं उगलवा सकी पुलिस
0 पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने मुख्य सूत्रधार बताया फरार अभियुक्त वटोले को
कोंच-उरई। गुजरे सितंबर माह में रेलवे ट्रेक के किनारे मिली एक लडकी की अधजली लाश मामले में महीनों गुजरने के बाद भी ज्यादा कुछ हाथ नहीं लग सका है। पिछले दिनों दो अभियुक्तों द्वारा कोर्ट में सरेंडर कर दिये जाने के बाद पुलिस को उनका पुलिस कस्टडी रिमांड लेने में ही दांतों पसीना आ गया। जैसे तैसे रिमांड मिला भी तो वह भी सशर्त। छह घंटे के इस रिमांड में अदालत का शर्तनामा साथ लगा था कि मुल्जिमों को पुलिस धमकायेगी नहीं, उनके वकील की मौजूदगी में पूछताछ की कार्यवाही होगी और बयान रिकॉर्ड किये जायेंगे। ऐसी स्थिति में पुलिस ने हालांकि मामले का खुलासा जरूर कर दिया है लेकिन बताई गई कहानी गले न उतरने बाली है। मृतका की शिनाख्त नहीं हो पाना भी पुलिस की एक बहुत बड़ी विफलता है।
बुधवार को पुलिस ने उस पेचीदा मामले का खुलासा करने का दावा किया है जिसे लेकर विभागीय उच्चाधिकारियों के साथ शासन तक गूंज सुनी गई। कई जांचें बदले जाने के बाद भी पुलिस जिन अभियुक्तों की गिरफ्तारी में महीनों उलझी रही लेकिन उन्हें छू भी न सकी, उनमें से दो अभियुक्तों लकी अग्रवाल और वरूण अग्रवाल ने पिछले दिनों कोर्ट में सरेंडर कर दिया और पुलिस को भनक भी नहीं लग सकी। बहरहाल, पुलिस ने तमाम कोशिशों के बाद जैसे तैसे रिमांड ले पाया लेकिन वह भी तमाम शर्तों से लैस था। छह घंटे के इस रिमांड में पुलिस ज्यादा कुछ नहीं उगलवा सकी और पेंच तीसरे फरार अभियुक्त पर जाकर फंस गया। सागर चैकी में अभियुक्तों से हुई पूछताछ के बाद जांच अधिकारी सीओ मनोजकुमार गुप्ता ने हत्या की उक्त वारदात का खुलासा करते हुये बताया कि 26 सितंबर की रात वटोले तिवारी उक्त लडकी को लेकर मंडी स्थित ‘उपवन’ में लेकर आया और उन लोगों ने उसके साथ समागम किया। बाद में पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद हो गया और लडकी की हत्या करनी पड़ी। हत्या के बाद एक काली मोटरसाइकिल से उस लाश को सिंहवाहिनी मंदिर के पास वाले मरघट के पास से निकली रेलवे लाइन के किनारे उस पर पेट्रोल डाल कर फूंक दिया गया। पुलिस ने उक्त जरीकेन जिसमें पेट्रोल भर कर ले जाया गया था और मृतक का हैंडपर्स बरामद किये जाने का दावा किया है। मृतका की शिनाख्त को लेकर पूछे गये सवाल पर सीओ गुप्ता का कहना है कि फिलहाल मृतका की शिनाख्त अभी नहीं हो सकी है, वाकी कहानी वटोले की गिरफ्तारी के बाद ही सामने आने की उम्मीद है। इस दौरान कोतवाल मनवीर सिंह, एसआई द्वय रवीन्द्र त्रिपाठी, राजेन्द्र द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
क्या है यह पूरा मामला…?
विगत 26 सितंबर को कोंच में बड़ी पूजा का आयोजन था और पूजा सकुशल निपट जाने के बाद कस्बे के निवासी चैन की सांस ले रहे थे तभी सिंहवाहिनी मंदिर के पास रेलवे ट्रेक पर एक अधजली लडकी की लाश मिलने की सूचना पुलिस को मिली। इस मामले की तह के भीतर की कहानी बताती है कि 26-27 सितंबर की रात कस्बे की गल्ला मंडी में दुराचार और लडकी की हत्या की सनसनीखेज कहानी रची गई थी। उक्त लडकी की अधजली लाश 27 सितंबर की सुबह सिंहवाहिनी मंदिर के पास रेलवे ट्रेक के किनारे पड़ी पाई गई। पुलिस ने अज्ञात लाश के रूप में उसकी शुरूआती लिखापढी करके मामला लगभग दाखिल दफ्तर सा ही कर दिया था। पुलिस ने उसकी वेशभूषा के आधार पर उसे खानाबदोश मान कर हालांकि तमाम डेरों से लोगों को बुला कर उसकी शिनाख्त कराने का प्रयास किया लेकिन असफलता मिली। लेकिन तभी घटना के लगभग डेढ माह बाद घटनास्थल ‘उपवन’ के करीब स्थित महादेव मंदिर में पूजा अर्चना करने बाले एक व्यक्ति देवेन्द्र सीरौठिया ने पुलिस के आला अधिकारियों से लेकर शासन तक एक पत्र भेज कर तहलका मचा दिया था। उसके पत्र में तीन नामजद अभियुक्तों वटोले तिवारी, लकी अग्रवाल तथा वरूण अग्रवाल के अलावा कुछ और नामों को भी घटना से बाबस्ता किये जाने की बात कही गई थी। उक्त पत्र के बाद ही मामले को पंख मिले और पुलिस ने मामले को हत्या में तरमीम कर विवेचना आगे बढाई लेकिन तब तक सभी आरोपी गधे के सिर के सींगों की तरह गायब हो चुके थे और पुलिस हाथ मलती रह गई। पुलिस के लिये मृतका की शिनाख्त करा पाना फिलवक्त सबसे बड़ी चुनौती है।







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