27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ceउरई। कलेक्ट्रेट सभागार में आहूत स्वच्छता समिति की बैठक में जिलाधिकारी राम गणेश ने जिला पंचायती राज अधिकारी को निर्देश दिए कि दिव्यांग जनों को पहली प्राथमिकता शौचालय आवंटन में दी जाये। अगर बजट नहीं तो डिमांड भेजकर पैसा मंगा लें। इसमें किसी तरह की हीला हवाली न करें। इसके साथ ही सफाई व्यवस्था पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाये। लापरवाही के चलते गांवों में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। इसमें सुधार लाने की आवश्यकता है ताकि लोगों को शिकायत का मौका न मिल सके।
जिला पंचायती राज अधिकारी मोहम्मद सरफराज आलम ने वर्ष 2014-15 में आवंटित किये गये शौचालयों का विवरण डीएम के सम्मुख प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में चयनित 21 समग्र गांवों में 1137, दो गांवों में मछुआ आवासों को 20, 281 गांवों के इंदिरा आवासों में 2289, 203 गांवों में दिव्यांगों को 405, 84 सामान्य ग्रामों में 2220 शौचालय आवंटित किये गये हैं। बजट न होने की स्थिति में अब शौचालयों के आवंटन नहीं किये जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि दिव्यांग शौचालयों के लिए मांग कर रहे हैं। प्रमुखता के आधार पर शौचालय आवंटित किए जायें। यदि बजट का अभाव है तो शासन से बजट मंगाने की व्यवस्था की जाये। इसमें किसी तरह की ढिलाई न की जाये। डीएम ने कहा कि स्वच्छता मिशन को सफल बनाने के लिए गांवों की सफाई व्यवस्था पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाये। लापरवाही के चलते गांवों की सफाई व्यवस्था लड़खड़ा गयी है। सफाई कर्मचारी गांवों में जाते ही नहीं है। अब इस मामले में सख्ती की जाये। गांवों का निरीक्षण करें और जो कर्मचारी काम पर न मिले तो उनके खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाये। किसी के साथ कोई रियायत नहीं की जानी चाहिए। इस मौके पर डीपीओ सुनील कुमार श्रीवास्तव, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सुग्रीव बाबू सहित कई विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे।

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