0 मुख्य आरोपी अभी भी गिरफ्त से दूर
उरई। धर्मांतरण मामले में सिर मुड़वाकर गधे पर बैठाकर घुमाने वाले मामले में बजरंग दल कार्यकर्ताओं की की जा रही धरपकड़ में पुलिस ने दो और आरोपियों को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया जिन्हें न्यायालय में पेश किया गया। फिलहाल पुलिस अभी तक पूरे मामले के मुख्य आरोपी एवं बजरंग दल के जिला संयोजक को गिरफ्तार नही कर पाई है।
ज्ञातव्य हो कि कस्बा व थाना रेंढर निवासी अवधेश सविता को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने धर्मांतरण कराने के आरोप में पकड़कर उसे बुरी तरह से अपमानित किया था। अवधेश सविता के विरुद्ध जबरन धर्मांतरण कराने का मुकदमा दर्ज कराया गया था, परंतु विवेचना में जो तथ्य प्रकाश में आया कि उससे जबरन धर्मांतरण कराने के आरोप साबित नहीं हुए। मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश में बजरंग के जिला संयोजक अखिलेश डीहा व उनके साथियों के विरुद्ध पुलिस ने संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किए गये थे। 30 जनवरी को पुलिस ने नामजद आरोपियों में आशू यादव निवासी पटेल नगर, प्रिंस गुप्ता निवासी तुलसी नगर, करुणेंद्र चैहान निवासी नया रामनगर, प्रदीप कुमार निवासी पाठक का बगीचा, आशीष निवासी शीतला माता मंदिर, अरुण तिवारी निवासी गोपालगंज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। दो आरोपियों ने बाद में छापेमारी से परेशान होकर पुलिस के सामने समर्पण कर दिया था। अखिलेश डीहा व अन्य आरोपी पकड़ में नहीं आये थे।
प्रभारी निरीक्षक आलोक सक्सेना ने बुधवार को अन्य आरोपी लवकुश त्रिपाठी पुत्र राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी निवासी ग्राम ईंटों थाना गोहन व रवि राठौर पुत्र गया प्रसाद राठौर निवासी मुहल्ला इंदिरा नगर को गिरफ्तार कर लिया। प्रभारी निरीक्षक आलोक सक्सेना ने बताया कि बजररंग दल के जिला संयोजक अखिलेश डीहा को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
साक्ष्य न होने पर कोर्ट ने दोनों को किया रिहा
धर्मांतरण मामले गिरफ्तार किए आरोपी लवकुश त्रिपाठी व राजेंद्र उर्फ रवि राठौर को पुलिस ने चालान कर स्पेशल जज डकैती अनिल कुमार उपाध्याय की अदालत में पेश किया। दोनों आरोपियों की पैरवी कर रहे अधिवक्ता राजेश चतुर्वेदी ने दलील दी कि दोनों विरुद्ध साक्ष्य नहीं है। अदालत ने उनकी दलील को संज्ञान में लेते हुए पुलिस रिमांड खारिज कर दोनों आरोपियों को रिहा कर दिया।






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