0 जूनियर इंजीनियरों के धरने में पहुंचे डीएम बोले
03orai01उरई। पिछली 18 फरवरी से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे विभिन्न विभागों के जूनियर इंजीनियर डीएम के विचित्र प्रस्ताव पर असमंजस में पड़ गये। अचानक उनके बीच पहुंचे डीएम रामगणेश ने कहा कि आप लोग धरना देते हुए फोटो खिचवाकर मीडिया में खूब खबरें छपवाते रहें। आपके आंदोलन को बढ़चढ़ कर कवरेज देने के लिए वे खुद भी मीडिया के साथियों से अनुरोध कर लेंगे। लेकिन सूखे के संकट के समय डयूटी करना बंद नही करें। निराश किसानों को आत्महत्या जैसे कदम उठाने से रोकने के लिए यह मानवीय धर्म उन्हें सबसे ऊपर उठकर निभाना होगा।
जूनियर इंजीनियर वेतन वृद्धि और पदोन्नति के मसलों पर प्रदेश व्यापी आंदोलन चला रहे हैं। इस क्रम में लोक निर्माण विभाग परिसर में काम बंद करके उन्होंने आज से धरना शुरू कर दिया। खबर मिलने पर जिलाधिकारी रामगणेश उनके बीच पहुंच गये। वे जूनियर इंजीनियरों को चैंकाते हुए जमीन पर बिछे फटटे पर उनके साथ ही बैठ गये। डीएम अपने साथ शासन को उनके मांग पत्र के संबंध में लिखे गये पत्र की छायाप्रति लेकर आये थे। उन्होंने वह प्रति आंदोलनरत् जूनियर इंजीनियरों में बांट दी और कहा कि वे स्वयं भी आप के साथ हैं। लेकिन इस समय काम बंद करना जरूरी नही है। दिखावे के लिए वे धरना देते हुए फोटो खिचवाकर अपना मकसद पूरा कर सकते हैं जिससे उनकी शान बची रहेगी। लेकिन इस समय उनके सामने सबसे बड़ा सवाल किसानों की जिंदगियां बचाने का है। अगर उन्होंने इस मौके पर सहयोग नही किया तो किसानों को रबी की फसल से भी हाथ धोना पड़ेगा और यह उनके लिए असहनीय होगा।
डीएम के मार्मिक अंदाज से जूनियर इंजीनियर पसीजे बिना नही रहे। उनमें डीएम की बात मानने की फुसफुसाहट हुई। लेकिन डीएम के जाते ही डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के प्रांतीय नेता ओमप्रकाश पहुंच गये। उन्होंने आंदोलन के तितर-बितर होने की स्थिति देखी तो अपने साथियों से कहा कि अगर उन्होंने ढील दी तो यह हमारे साथ बहुत बड़ा धोखा सिद्ध होगा। इसके बाद उन्होंने सरकार के विरोध में जोशीली नारेबाजी करके आंदोलन के रंग को फिर बहाल कर दिया।

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