दहशत फैलाने का लगाया गया आरोप
उरई। दहशत फैलाने और समाज को भ्रमित करने जैसे आरोप लगाकर बजरंग दल के जिला संयोजक पर रासुका की कार्रवाई अमल में लाई गई ताकि इनको और कानूनी शिकंजे में कसा जा सके।
पूर्व में बजरंग दल के जिला संयोजक अखिलेश डीहा पर विभिन्न-विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था और कई गंभीर आरोप लगाए गए थे जिसकी वजह से शहर के अंदर अशांति का वातावरण पैदा हो गया था। बाल मुंडवाने और धर्म परिवर्तन का यह बवाल आज भी सुलग रहा है। बजरंग दल के कई कार्यकर्ताओं पर पूर्व पुलिस अधीक्षक एन. कोलांची द्वारा मुकदमा दर्ज कराया गया था जिसमें कई बजरंगी जेल भेज दिए गए थे। कईयों के घर छापे डाले गए। हालांकि उनमें से कुछ कोर्ट के आदेश पर रिहा कर दिए गए है परंतु अखिलेश डीहा जो कि कई महीनों तक फरार रहे अंततोगत्वा उन्होंने अपना समर्पण किया और वह मुख्यालय जेल में बंद है। वहीं पुलिस ने उनके ऊपर रासुका की धारा बढ़ाते हुए उनके बचाव के सारे रास्तों पर विराम लगा दिया। एक ओर इस घटना से जहां बजरंगियों में रोष है वहीं कुछ बजरंगी जो कि हमेशा इन आरोपों का खंडन करते रहे परंतु विगत महीनों में जो कुछ घटा है उससे पुलिस द्वारा पुनरावृत्ति न हो पाए इसके लिए इतने सख्त कदम उठाए गए।







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