0 अजनारी में खनन माफियाओं की करतूत
उरई। डीएम संदीप कौर के सख्त संदेश के बावजूद निचले स्तर पर जारी ढिलाई और मिली भगत की वजह से अवैध खनन में कोई गिरावट नही आ पा रही है। जिला प्रशासन की नाक के नीचे ग्राम अजनारी में धड़ल्ले से मिटटी का अवैध खनन हो रहा है। रोजाना दर्जनों ट्रैक्टर यहां से मिटटी की उठान करके निकल रहे हैं। जिससे पूरा गांव गहरी झील में तब्दील होकर हादसों को आमंत्रण देता प्रतीत होने लगा है।
जिला मुख्यालय पर प्रभावी सत्ताधारी माफियाओं ने मिटटी खनन में भारी लूट की गुंजाइश देखकर इसके लिए आसपास के ही गांवों पर अपनी गिद्ध दृष्टि जमा दी है। मुख्यालय की हर दिशा से मिटटी भरे ट्रैक्टरों के आने का तांता लगा रहता है जो इसकी मिसाल है। यहां तक कि डीएम, एसपी के बंगले के सामने से मिटटी भरे ट्रैक्टर गुजारते दबंगों को खौफ नही होता। उनका इतना बेलिहाज होना जताता है कि पानी सिर से कितने ऊपर पहुंच चुका है।
कोटरा रोड पर ग्राम अजनारी भी मिटटी का खनन करने वाले माफियाओं की निगाह में चढ़ चुका है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के तालाब को इन माफियाओं ने अपने निशाने पर ले लिया है जिससे दर्जनों ट्रैक्टर मिटटी प्रतिदिन खोदी जा रही है। उन्होंने इसे रोका तो माफिया के लोग प्रशासन की अनुमति की बात कहने लगे। लेकिन जब उनसे डीएम या किसी अधिकारी का आर्डर दिखाने की बात कही गई तो उन्होंने भृकुटि तान ली। अगर इस तरह तालाब का अंधाधुंध खनन जारी रहा तो यहां इतनी गहरी झील बन जायेगी कि जोखिम की वजह से न तो यह तालाब लोगों के नहाने, कपड़े धोने के मतलब का रह जायेगा और न ही मवेशियों को पानी पिलाने के। तालाब में रोजाना किसी न किसी की डूबकर बलि चढ़ने का खतरा मंडराने लगेगा। खासतौर से बच्चों पर तो पूरी निगाह रखनी पड़ेगी। तालाब को मौत का सरोवर बनने से रोकने के लिए ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इस खनन को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करने की अपेक्षा की है।







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