IMG-20160523-WA0117 IMG-20160523-WA0115रामपुरा-उरई। प्रशासन के ढीलेढाले होने की वजह से सरकार के प्राथमिकता के कामों तक में हीलाहवाली हो रही है। भीषण सूखे और भुखमरी के हालात को देखते हुए विद्यालयों में ग्रीष्मावकाश के दौरान मिडडे मील जारी रखने के आदेश तो राज्य सरकार ने कर दिये है लेकिन नौकरशाही पर अंकुश न होने की वजह से इसका अनुपालन कराने की कुव्वत उसमें नजर नही आ रही। सरकार की इसके कारण न केवल फजीहत हो रही है बल्कि उसका चुनावी माहौल निखरने की बजाय बिगड़ने के आसार बन गये हैं।
हमारे संवाददाता ने मिडडे मील बनाने के लिए निर्धारित 9 से 11 के बीच के समय में ब्लाॅक क्षेत्र के पांच विद्यालयों का भ्रमण किया जिनमें टीहर का बालिका प्राथमिक विद्यालय, पूर्व माध्यमिक विद्यालय, फतेहपुरा का प्राथमिक विद्यालय और सोनेपुरा का प्राथमिक विद्यालय बंद मिला। बालिका प्राथमिक विद्यालय टीहर इकलौता विद्यालय था जो खुला था और जिसमें मिडडे मील भी तैयार हो रहा था लेकिन उपस्थिति के नाम पर केवल 9 बच्चे थे।
इस विद्यालय में अटैचमेंट के बेसिक शिक्षा विभाग में चल रहे खेल का एक और नमूना देखने को मिला। सहायक अध्यापक मंगल सिंह अगस्त से इस विद्यालय में तैनात होने के बावजूद एक भी दिन नही आये हैं। वे अपना अटैचमेंट बीएसए दफ्तर में बताकर अधिकारियों की आंखों में धूल झोंक रहे हैं और अधिकारी भी आंखे होने के बावजूद परमानेंट नेत्र ज्योति खो चुके हैं। तभी तो इतने महीनों बाद भी उन्हें इस शिक्षक की ना मौजूदगी का पता नही चला। सहायक अध्यापक का अटैचमेंट कहीं भी हो लेकिन उनका वेतन इसी विद्यालय से निकल रहा है। ऐसे माहौल में परिषदीय विद्यालयों में अच्छी पढ़ाई की उम्मीद की जाये तो कैसे।

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