उरई। अगर हौसला मजबूत हो तो कोई भी मुश्किल सफलता के रास्ते में आड़े नही आ सकती। इस धारणा को चरितार्थ करके दिखाया इंदिरा नगर निवासी छात्र राहुल तिवारी ने। राहुल के दोनों हाथ बेकार हैं जिसकी वजह से उसके लिए पढ़ना-लिखना असंभव माना जा रहा था लेकिन होनहार राहुल ने पढ़ाई-लिखाई के प्रति लगन के चलते असंभव को संभव बना दिया। उसने पैरों से लिखकर मेडिकल की परीक्षा पास करके ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है जो उसकी तरह के हर दिव्यांग के लिए अपनी खूबी को शिखर तक पहुंचाने की प्रेरणा देने का काम करेगा।
विकलांग होने के साथ-साथ राहुल तिवारी परिवार को विषम आर्थिक परिस्थिति से भी जूझना पड़ा। लेकिन फिर भी उसके इरादे कमजोर नही हुए। उसके पिता हरिश्चंद्र तिवारी की मौत हो चुकी है। उसके सहित तीन भाई हैं। जिनमें पढ़ाई के क्षेत्र में बड़ी कामयाबी उसी को मिली है। राहुल ने इसी वर्ष इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। यूपी नीट 2016 के परीक्षा परिणाम में उसने विकलांग कोटे में 58वीं रैंक पर पहुंचकर शानदार रिकार्ड कायम किया। परिवार के ही नही मोहल्ले के लोग भी राहुल की इस कामयाबी पर फूले नही समां रहे और नाज जाहिर कर रहे हैं।






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