konch 4कोंच-उरई। कल 5 सितंबर से शुरू हो रहे गणपति महोत्सव को लेकर यहां गणेश पंडालों में तैयारियां समाप्ति पर हैं। तमाम स्थानीय और बाहर से आये मूर्तिकार गणपति प्रतिमाओं को आखिरी टच देने में लगे हंै और वे अपने गंतव्यों की ओर रवाना होने को हैं। तकरीबन तीन शताब्दी बर्ष पुराने गणपति महोत्सव में नगर में कमोवेश आधा सैकड़ा गणपति की प्रतिष्ठापना होती है, खासतौर पर व्यवसायिक संगठनों के तमाम गणेश यहां निश्चित पंडालों में विराजते हैं। इसके अलावा गणेश पंडालों के निर्माण को अंतिम रूप देने में समितियों के कार्यकर्ता लगे हैं।
कोंच का बुंदेलखण्ड प्रसिद्ध गणेशोत्सव प्रारम्भ होने में बस रात बाकी है, लिहाजा पंडालों के निर्माण के कामों में तेजी आई है। कोंच का गणेशोत्सव यहां मराठा शासन में शुरू हुआ था, पौने तीन सौ बर्ष पूर्व कोंच में गणेशोत्सव की परम्परा शुरू हुई थी जो आज भी जारी है, भले ही आज इसका वह पहले बाला स्वरूप न रहा हो और कालांतर में इसमें तमाम विकृतियों का समावेश हुआ हो लेकिन यहां के जनमानस के हृदय पटल पर गजानन पूरी आस्था के साथ आज भी विराजमान हैं। यहां प्रतिष्ठापित होने बाले गणपति में तमाम प्रतिमायें झांसी या अन्य जगहों से भी लाई जाती हैं। नगर में कमोवेश आधा सैकड़ा गणेश पंडालों का निर्माण कार्य समाप्ति पर है और आखिरी दिन में गणेश सेवा मंडल इस काम को निपटा लेना चाहते हैं। गढी पर गणेश सेवा समिति के कार्यकर्ता अध्यक्ष आलोक कपूर, मंत्री राहुल तिवारी, सुधीर सोनी, हरिश्चंद्र तिवारी, अश्विनी सेठ, अजित रिछारिया, अभिषेक रिछारिया, कमलेश साहू, सतीश राठौर, महेन्द्र, पवन गौतम, राजेश हरीशंकर, सचिन, सुनील, सुरेन्द्र, मुन्ना, गौरव सोनी, अमित सोनी, कल्लू यादव, प्रदीप बुधौलिया आदि गणेश पंडाल के अलावा भागवत पंडाल के निर्माण में भी जुटे हैं।

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