उत्तर प्रदेश विधान परिषद के इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक चुनाव-2026 का मतदान 23 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। मतगणना 27 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) को होगी। निर्वाचन प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी। मौजूदा एमएलसी डॉ. मान सिंह यादव (समाजवादी पार्टी) का कार्यकाल 6 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है, इसलिए यह चुनाव हो रहा है।
**मतदाता संख्या**
इस निर्वाचन क्षेत्र में कुल 2,64,233 स्नातक मतदाता हैं। इनमें 1,84,166 पुरुष और 80,067 महिला मतदाता शामिल हैं। कोई थर्ड जेंडर मतदाता नहीं है। दस जिलों में फैले इस क्षेत्र में प्रयागराज में सबसे अधिक (लगभग 1,15,019) मतदाता हैं। अन्य जिलों में कौशांबी (20,140), बांदा (लगभग 19,794), फतेहपुर, हमीरपुर, झांसी, जालौन, चित्रकूट, ललितपुर और महोबा शामिल हैं।
**पिछला चुनाव (2020)**
2020 के चुनाव में सपा के डॉ. मान सिंह यादव ने जीत हासिल की थी। उन्हें 23,093 वोट मिले थे, जबकि भाजपा के डॉ. यज्ञदत्त शर्मा को 18,760 वोट मिले। यादव ने 4,333 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। इससे पहले लंबे समय तक भाजपा का इस सीट पर कब्जा रहा था।
**प्रत्याशी**
नामांकन वापसी के बाद कुल 13 प्रत्याशी मैदान में हैं। मुख्य मुकाबला भाजपा के अशोक कुमार राठौर और सपा के मौजूदा एमएलसी डॉ. मान सिंह यादव के बीच माना जा रहा है। बाकी ज्यादातर निर्दलीय हैं।
– **अशोक कुमार राठौर (भाजपा)**: जालौन के उरई निवासी। शिक्षक नेता, एसआर ग्रुप उरई के प्रबंधक और माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा से जुड़े। 2023 में भाजपा में शामिल हुए। पहले शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं।
– **डॉ. मान सिंह यादव (सपा)**: मौजूदा एमएलसी। 2020 में जीतकर भाजपा के लंबे वर्चस्व को तोड़ा था।
अन्य प्रमुख नामों में केशवकांत शर्मा, दीपक कुमार द्विवेदी, देवेश कुमार सिंह, रमेश चंद्र दुबे, राजकुमार, राहुल कनकने, विष्णु कुमार, शिवशंकर पटेल, शैलेन्द्र कुमार, सारिका आदि शामिल रहे (नाम वापसी के बाद कुछ बदलाव संभव)।
**मतदान केंद्र और बूथ**
कुल 353-354 मतदेय स्थल (मतदान केंद्र/बूथ) बनाए गए हैं, जिनमें लगभग 299 मूल और 55 सहायक बूथ शामिल हैं। प्रयागराज में सबसे अधिक (लगभग 152), झांसी में 47, जालौन में 33, बांदा में 22 आदि हैं। संवेदनशील बूथों पर वीडियोग्राफी और विशेष सुरक्षा का इंतजाम किया गया है।
**चुनाव को प्रभावित करने वाले कारक और संभावित रुख**
मुख्य मुकाबला भाजपा और सपा के बीच है। भाजपा शिक्षक संगठनों और संगठनात्मक ताकत पर जोर दे रही है, जबकि सपा मौजूदा एमएलसी की छवि और स्थानीय संपर्क का सहारा ले रही है। मतदाता सूची में डुप्लीकेट नामों (भाजपा का आरोप लगभग 4,397) को लेकर विवाद है। स्नातक वोटर शिक्षित वर्ग होने के कारण स्थानीय मुद्दे, शिक्षक हित और पार्टी की छवि प्रभावित कर सकते हैं। प्रयागराज जैसे बड़े जिले का रुख निर्णायक साबित हो सकता है। दोनों प्रमुख प्रत्याशी जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन अंतिम फैसला मतदाताओं के हाथ में है।
प्रशासन ने निष्पक्ष मतदान के लिए जोनल-सेक्टर मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए हैं और कर्मचारियों को विशेष अवकाश भी दिया जा रहा है।





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